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दक्षिणापथ। महिलाओं के लिए हैंडबैग बहुत जरूरी स्टाइल स्टेटमेंट होता है. बाजार में कई तरह के हैंडबैग मिलते हैं, लेकिन लेदर बैग का क्लासी और स्टाइलिश लुक हर किसी को पसंद आता है. लेदर बैग की डिमांड मार्केट में बहुत अधिक है क्योंकि ये जल्दी खराब नहीं होता है, साथ ही स्टाइल स्टेटमेंट को भी क्लासी लुक देता है. असली लेदर बैग बाजार में महंगे मिलते हैं जो हर किसी के खरीदने की बात नहीं है. हालांकि बाजार में नकली लेदर बैग की खूब बिकते हैं क्योंकि ये स्टाइलिश दिखने के साथ सस्ते दाम पर मिलते हैं.
कई दुकानदार नकली बैग को असली बताकर बेच देते हैं जो कुछ समय बाद खराब हो जाता है. अगर आप लेदर बैग खरीदने की शौकीन हैं तो हम आपको कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं जिससे आप असली और नकली लेदर बैग में पहचान कर सकती है. आइए बिना देर किए जानते हैं इन टिप्स के बारे में.
असली लेदर बदलता है रंग
शायद आप जानते नहीं होंगे असरी लेदर को रगडऩे पर हल्का लाल हो जाता है उस पर धब्बे दिखाई देते हैं. असली लेदर आसानी से मुड़ जाता है जबकि नकली लेदर आपसे मुड़ेगा नहीं और ज्यादा जोर लगाने पर इसके रेशे निकलने लगते है और वो फट जाएगा.
गंध से पहचान सकते है
असली लेदर में एक एजीब सी गंद आती है जिसके बारे में आप किसी को बता नहीं सकते हैं. जबकि नकली बैग में प्लास्टिक और अन्य कोई गंध आती है. इस तरह से आप लेदर बैग की पहचान कर सकते हैं.
शाइनिंग से ना खा जाए धोखा
कई लोगों को लगता हैं कि असली लेदर बैग में बहुत शाइनिंग होती है. लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है. असली लेदर जानवरों के त्वचा से बना होता है जो दिखने में मैट लुक देता है. ये हैंडबैग टाइट होते हैं. जबकि नकली हैंडबैग में प्लास्टिक और अन्य मेटीरिल की मिलावट होती है जिसकी वजह से मुलायम और शाइनी नजर आता है.
लेदर की फिनिशिंग होती है अच्छी
असली लेदर बैग में कई तरह के डिजाइन और पैटर्न होते हैं. क्योंकि ये जानवरों की खाल से बनाया जाता है इसलिए इसकी इलास्टिसिटी बहुत अच्छी होती है. लेदर बैग महंगे होते है जबकि नकली चमड़ा बैग बनाने में खर्चा कम आता है जिसकी वजह से बाजार में आसानी से उपलब्ध है.

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