मध्यप्रदेश में समाज तोड़ने का काम चल रहा; बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ अभियान रोकना जरूरी,

by sadmin
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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कांग्रेस पर बिना नाम लिए हमला बोला है। कुशाभाऊ ठाकरे के जन्मशताब्दी वर्ष के आदरांजलि कार्यक्रम में शिवराज ने कहा, मध्यप्रदेश में समाज को तोड़ने का काम चल रहा है। बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ चल रहे अभियान को रोकना जरूरी है। समाज में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो समाज को तोड़ना चाहते हैं। अनुसूचित जाति व जनजाति में भी विचारधारा की लड़ाई है। शिवराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भ्रम फैलाने वालों की साजिश को सफल नहीं होने देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, सत्ता-संगठन में समन्वय होना चाहिए। सत्ता की भागीदारी नहीं, जिम्मेदारी की भागीदारी हो। संगठन, सत्ता की योजनाओं की मॉनिटरिंग करें। कार्यकर्ता सही फीडबैक सरकार तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश के संगठन और सरकार दोनों को आइडियल बनाने की जरूरत है। यही वजह है, अंत्योदय योजना के क्रियान्वयन में कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम हो जाती है।

ठाकरे के नाम पर प्रशिक्षण संस्थान बनेगा

मुख्यमंत्री ने कहा, कुशाभाऊ ठाकरे के नाम से मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण संस्थान खुलेगा। जमीन चिन्हित कर इसे बनाया जाएगा। यहां कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा, उनके (कुशाभाऊ ठाकरे) त्याग, तपस्या और पुनीत विचार सदैव हम सबका राष्ट्र व समाज सेवा के लिए मार्गदर्शन करते रहेंगे।

सभी संभाग केंद्रों में व्याख्यान के कार्यक्रम होंगे

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, कुशाभाऊ ठाकरे के जन्मोत्सव शताब्दी वर्ष के दौरान सभी संभाग केंद्रों में व्याख्यान होंगे। उन्होंने बताया, 25 सितंबर से लेकर 2 अक्टूवर तक सभी जनप्रतिनिधि प्रकल्प तय करेंगे। इसके साथ ही यूथ फॉर द नेशन और पॉलिटिक्स फॉर द नेशन अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें मध्यप्रदेश के एक करोड़ युवाओं के साथ कनेक्टिविटी बनाने के लिए काम किया जाएगा।

बीजेपी कार्यालय में सुंदरकांड का पाठ

बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी मौजूद रहे। इस दौरान सुंदरकांड का आयोजन भी किया गया। इसमें भोपाल सांसद साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर और प्रदेशाध्‍यक्ष वीडी शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी एवं वर्ष भर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रतीक चिह्न (लोगो) का भी लोकार्पण किया गया।

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