कुष्ठ के संबंध में समाज में अब भी काफी भ्रांतियां, इन्हें दूर करने निरंतर कार्य करने की आवश्यकता

by sadmin
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कुष्ठ उन्मुलन कार्यक्रम अंतर्गत जनजागरूकता पखवाड़ा में संबोधन के दौरान  विधायक श्री अरुण वोरा ने कहा, महापौर श्री धीरज बाकलीवाल एवं डॉ. रश्मि भुरे भी हुईं कार्यक्रम में सम्मिलित
दुर्ग. कुष्ठ उन्मुलन कार्यक्रम अंतर्गत 28 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जन जागरूकता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है।  जिले में इसका  शुभारंभ विवेकानंद सभागार भवन, पद्मनाभपुर दुर्ग में विधायक श्री अरुण वोरा के द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित जनों को कुष्ठ उन्मूलन की प्रतिज्ञा दिलाई और कहा कि कुष्ठ रोगियों की सेवा समर्पण भावना से किया जाना चाहिए। रोगियों के प्रति स्नेह और सम्मान का भाव रखना चाहिए। श्री वोरा ने कहा कि महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई में हिस्सेदारी के साथ ही कुष्ठ रोगियों की सेवा भी की। इसके साथ ही अनेक समाजसेवियों ने समय-समय पर इसमें अपनी अमूल्य भागीदारी निभाई। कुष्ठ रोग के संबंध में भ्रांति दूर हुई है लेकिन अब भी इस पर कार्य किया जाना बाकी है। जब तक समाज में संपूर्ण रूप से इस रोग के प्रति न आ जाए, इस पर युद्धस्तर पर कार्य करते रहना होगा। श्री वोरा ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए और इनके इलाज के लिए अच्छा कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्री धीरज बाकलीवाल भी उपस्थित थे। उन्होंने भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की प्रशंसा की। कार्यक्रम में डॉ. रश्मि भुरे भी उपस्थिति थीं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों की पहचान और इसके पश्चात उपचार किये जाने से इस रोग को जड़ से दूर करने में सहायता मिलेगी। इसके लिए जनजागरूकता कार्यक्रम भी बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिस तरह से चिन्हांकन के लिए प्रयास किया जा रहा है और जनजागरूकता अभियान इसके लिए चलाया गया है। वो स्वागत योग्य है। इसके माध्यम से अधिकाधिक रोगियों तक पहुंचा जा सकता है और इनके इलाज की पुख्ता व्यवस्था की जा सकती है। इस मौके पर डॉ. अनिल शुक्ला ने विस्तार से गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  कुष्ठ उन्मुलन जन जागरूकता के लिए जिले में विविध गतिविधियां चलायी जा रहा है। जन जागरूकता  रथ के माध्यम से लोगों को कुष्ठ के संबंध में फैली भ्रांतियां को दूर करने के साथ ही उपचार और रोग निदान से रूबरू कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों के चिन्हांकन के लिए विभिन्न सेक्टरों में टीम सर्वे कर रही है और लोगों को चिन्हांकित कर रही है। साथ ही इसके लक्षणों के प्रति जागरूक  भी कर रही है। उन्होंने कुष्ठ उन्मूलन के लिए किये गये अब तक प्रयासों के संबंध में जानकारी भी रखी।

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