मोहंदी में महिलाओं ने सीखा गोदना शिल्प

by sadmin
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मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने की प्रशंसा, कहा अपना हस्तशिल्प बेहद समृद्ध, इससे रोजगार की संभावनाओं  के भी अच्छे अवसर
तीन महीने का था कोर्स, पंद्रह सौ रुपए प्रशिक्षण राशि भी दी गई
दुर्ग. धमधा ब्लाक के ग्राम मोहंदी में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा गोदना शिल्प के लिए तीन माह  का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 20 हितग्राहियों को प्रमाणपत्र का वितरण लोकस्वास्थ्ययांत्रिकी मंत्री श्री गुरु रुद्र कुमार ने दिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की हस्तशिल्प कलाएं बेहद समृद्ध हैं। लोककलाकारों ने पीढ़ी दर पीढ़ी अपने हुनर को समृद्ध कर इन्हें निखारा है। गोदना शिल्प ऐसा ही खूबसूरत आर्ट है। यह परंपराएं समृद्ध रहें इसलिए नई पीढ़ी को इनसे अवगत कराना बेहद आवश्यक है। इसके साथ यह भी जरूरी है कि इससे रोजगार की संभावनाओं का विकास भी हो। यह इतना खूबसूरत शिल्प है कि इसकी बाजार में अच्छी माँग होगी। कलाकारों को बढ़ावा देकर उनके उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज उपलब्ध करा हम हस्तशिल्प के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। मंत्री ने इस अवसर पर प्रशिक्षण की हितग्राही महिलाओं से चर्चा भी की। उन्होंने बताया कि गोदना शिल्प में प्रशिक्षण लेने में बहुत आनंद आया। अब हमने इसका प्रशिक्षण ले लिया है तो इसके व्यवसाय के रास्ते भी हमारे लिए खुल गये हैं। शासन ने यह बहुत सुंदर कार्य हमारे लिए किया है। न केवल इससे हमें हमारे हस्तशिल्प की खूबसूरती का ज्ञान मिला अपितु अपने हाथों के हुनर पर भी भरोसा बढ़ा। तीन महीनों के प्रशिक्षण में हमने काफी चीजें सीख लीं। महिलाओं ने बताया कि इसमें सबसे अच्छी बात यह रही कि उन्हें छात्रवृत्ति भी मिली। 1500 रुपए प्रतिमाह हमें सीखने के लिए छात्रवृत्ति दी गई। इससे अच्छा और क्या हो सकता है।

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