दुर्ग। दुर्ग जिले के सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट पाटन से भाजपा ने सांसद विजय बघेल को प्रत्याशि घोषित कर दिया है। विजय बघेल के प्रत्याशी घोषित होने की खबर से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी जोश उमड़ गया है। ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा के स्थानीय संगठन को बड़ी ताकत मिल गई हो। विजय बघेल अभी दुर्ग के सांसद हैं। दुर्ग जिले के महत्वपूर्ण सीट पाटन से उनकी दावेदारी तय हो चुकी है , राजनीतिक दृष्टि से दुर्ग जिला पूरे प्रदेश में सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के अलावा गृहमंत्री भी दुर्ग जिले से आते हैं।
भाजपा ने अभी 21 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है । साहू समाज से 3 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। 21 में से 10 सीटें सामान्य वर्ग व ओबीसी वर्ग को दिया गया है। 21 सीटों पर टिकट वितरण पर नजर डालें तो लगता है कि सामाजिक समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है। संगठन के सूत्र बताते हैं कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सभी विधानसभा सीटों को 4 कैटेगरी में बांटा है। ए बी सी डी। और इस आधार पर टिकट तय किया जा रहा है । जीत की संभावना के आगे जाकर विरोधियों को कड़ा टक्कर देने भाजपा की रणनीति में दम लग रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहां कांग्रेस के चुनावी समर के मुख्य रणनीतिकार हैं। कई दशकों से मुख्य राजनीतिक धारा में झंडा गाढ़ चुके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व उनकी टीम भाजपा की रणनीतियों पर बराबर नजर लगाए हुए हैं । इसमें कोई दो राय नहीं कि उन्हें पहले से भाजपा के इस तरह के निर्णय का अंदेशा था।
इधर पिछले लोकसभा चुनाव में विजय बघेल को आखिरी आखिरी समय में पार्टी ने अपना प्रत्याशी तय किया था। विजय बघेल के लिए छत्तीसगढ़ से लेकर गुजरात तक लाबिंग हुई, तब जाकर उन्हें टिकट मिला था। कांग्रेस के प्रतिमा चंद्राकर को उन्होंने करीब चार लाख मतों के अंतर से हराया था। विजय बघेल की जीत देश के 10 टॉप जीतों में से एक थी।
सांसद विजय बघेल को भाजपा से टिकट मिलने पर पाटन क्षेत्र के उनके स्थानीय समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हो गए हैं । पाटन में उनकी टिकट की खबर तय होने की खुशी में कार्यकर्ताओं में जश्न मनाया, पटाखे फोड़े। सरकार से असंतुष्ट चल रहे गैर कांग्रेसी मतों को विजय बघेल पूरी तरह साधने में सक्षम है। इसके बावजूद यह नहीं भुला जा सकता कि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं अपने कार्य प्रणाली से उन्होंने अप्रतिम ऊंचाई हासिल की है। हाई कमान ने भूपेश बघेल पर इतना भरोसा दिखाया कि उन्हें राज्य में चुनाव के लिए काफी हद तक फ्री हैंड दे दिया है । भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री के चेहरे के अपोजिशन में भाजपा को कुछ करते नहीं बन पा रहा था। किंतु विजय बघेल की उम्मीदवारी ने भाजपा को सकारात्मक फैक्टर दे दिया है। चुनावी नतीजे चाहे जो भी हो विजय बघेल का कद भाजपा में बढ़ गया है।
