दुर्ग । राज्य में टमाटर का भाव ₹ 150 पार कर चुका है किसी समय 5 से 10 रुपया किलो बिकने वाला टमाटर आज 15 गुना रेट पर बिक रहा है। बाजार में अभी बिक रहा टमाटर दक्षिण भारत से आ रहा है। हर साल सावन के महीने में पूरे छत्तीसगढ़ में टमाटर की रेट बढ़ जाती है। छत्तीसगढ़ का वातावरण ऐसा है कि टमाटर की पैदावारी गर्मी में नही हो पाती। लोकल कोल्ड स्टोरेज वाले भी समय देख कर बढ़े दामों पर टमाटर बेचते है। यदि इसी टमाटर को ठंड के दिनों से सूखा लिया जाता तो गरीबो की थाली से टमाटर गायब नहीं हुआ रहता। लोगो को डेढ़ सौ रुपये में टमाटर नही खरीदना पड़ता। टमाटर 90 प्रतिशत पानी से बना होता है। ड्रायर मशीन से इसका खोइला बनाने पर उसमें शत-प्रतिशत न्यूट्रीन्स रहता है। छत्तीसगढ़ में इसका मास प्रोडक्शन कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। जिसे हम खोइला बनाना कहते हैं, उसमें गुजरात देश भर में प्रथम है। महाराष्ट्र का स्थान दूसरा है।
खोइला बनाने की मशीन कोई महंगी चीज नही है। सिर्फ डेढ़-दो लाख रुपये खर्च कर ड्रायर प्लांट लगाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 7 महीना पहले इस तरह की मंशा व्यक्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस जरूरत को उसी समय भांप लिया था । अब इसे बड़े स्तर पर अमल में लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव के गौठानों व स्व सहायता समूहों में सोलर ड्रायर मशीन लगाने का निर्णय लिया था । छत्तीसगढ़ के धमधा व पत्थलगांव इलाके में ठंड के दिनों में टमाटर की बंपर पैदावार होती है । सीजन में धमधा की टमाटर पुणे, मुम्बई राज्यों में बिकने जाती है। फिर उसी टमाटर से वे खोइला बनाकर मुनाफा कमाते है। जब दूसरे राज्य के लोग इससे लाभ उठाते हैं तो क्यों न छत्तीसगढ़ में भी बड़ी मात्रा में अपने उत्पादन का फायदा उठाएं।
राज्य में स्व सहायता समूह के जरिये काफी लोगो को रोजगार दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इन सोलर ड्रायर मशीनों से विविध प्रकार की भाजी, टमाटर व अन्य चीजों का खोइला बनाने की जरूरत पर बल दिया है।
जानकारों के मुताबिक खोइला इम्पोर्ट करने में चीन दुनिया मे नम्बर वन है। इस व्यवसाय में उसकी हिस्सेदारी 25% से अधिक है। चाइना गल्फ कंट्री, यूरोप, मिडिल ईस्ट के देशों में अपना खोइला सप्लाई करता है।
भारत मे भी सब्जियों का भरपूर उत्पादन होता है।
ठंड के दिनों में सही कीमत न मिलने पर टमाटर को सड़क पर फेंक देने वाले किसान यदि व्यवसाईक स्तर पर इसका खोइला बनाना जानता तो आज वह तो फायदा में रहा होता। आमजनों को भी मनमाने कीमत पर टमाटर खरीदने मजबूर न होना पड़ता। वही जिले के सभी ब्लाकों में सी मार्ट के माध्यम से आमजन को प्राप्त हो सकता है। वृहद रूप से सूखे सब्जियों के उत्पादन कर विदेशों में निर्यातकों के सूची में छत्तीसगढ़ राज्य अपना नाम अंकित कर सकता हैं।
क्या है सोलर ड्रायर-
सोलर ड्रायर एक ऐसा यंत्र है जो फूल, फल और सब्जियों को विशेष तकनीक के माध्यम से सुखाता है. यह सौर ऊर्जा तकनीक पर काम करता है. सोलर ड्रायर फूड प्रोडक्ट्स को सोलर एनर्जी से नियंत्रित और अनुकूलित तापमान प्रदान करता है. इस तकनीक से सुखने पर प्रोडक्ट्स छह महीने से ज्यादा समय तक सुरक्षित रहते हैं. यह प्राकृतिक और सुरक्षित प्रोसेस है।
