दुर्ग। पुराने पढ़ चुके ऋण पुस्तिका को नया बनाने की जरूरत है ।ऋण पुस्तिका और किसान किताब की क्वालिटी शुरू से ही अच्छी नहीं रही है । सुनने में आया है कि सरकार नया प्रकार का ऋण पुस्तिका बनाने जा रही है । साथ ही ऋण पुस्तिका में होने वाली एंट्री पर भी सुधार होने जा रहा है । ऋण पुस्तिका को ऑनलाइन करने एवं नए कलेवर के साथ किसानों के अधिक उपयोगी बनाने के सरकारी निर्णय देर से लिए गए हैं । अधिकांश किसानों के ऋण पुस्तिकाएं जीर्ण होने की अवस्था मे पहुंच गये है ।पुराने ऋण पुस्तिका को बचाना मुश्किल हो रहा है । लिहाजा नए ढंग का नए जमाने का ऋण पुस्तिका किसान-किताब बनाने की जरूरत है।
जानकारों की मानें तो सरकार ऋण पुस्तिका का नाम भी बदलने जा रही है संभव है आने वाले समय में एलियन पुस्तिका की जगह किसानों को इलेक्ट्रिक चिप्स दे दिया जाए जिससे उनके सारे रिकॉर्ड आन लाइन रहे और उन्हें समय-समय पर सहूलियत होता रहे।
लोगों ने यह भी पूछा
ऋण पुस्तिका का मतलब क्या होता है?
ऋण पुस्तिका के माध्यम से ही किसानों को केसीसी ऋण, किसी व्यक्ति की जमानत, जमीन संबंधी अन्य ऋण आदि कार्य ऋण पुस्तिका के माध्यम से ही होती है। भू अधिकार और ऋण पुस्तिका किसानों को उनकी भूमि का स्वामी होने का प्रूफ है।
