वार: रविवार
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि :- शुक्ल त्रयोदशी – 16:30:8 तक
तिथि विशेष: जया तिथि – सारांश : महत्वपूर्ण व्यवसाय का आरम्भ, नए वस्त्र पहनना, वचनों की पूर्ति तथा कामुक सुख के लिए शुभ दिन।
नक्षत्र: रेवती – 24:4:48 तक
नक्षत्र स्वामी: बुध
नक्षत्र देवता: पौषण
नक्षत्र विशेष: पंचक नक्षत्र ,undefined
योग: वज्र – 23:48:30 तक
योग विशेषता : यह अशुभ योग है, शुभ कार्यों को करने के लिए अच्छा नहीं है।
योग का अर्थ : (हीरा, वज्र) – धनवान, भ्रष्ट आचरण, अप्रत्याशित, सशक्त।
करण: कौलव – 4:46:24 तक,
करण देवता : चंद्र
करण विशेषता: यह मैत्री के लिए तथा स्थायी व स्थिर प्रकृति के सभी कार्यों के लिए अनुकूल है।
सूर्योदय: 6:36:30
सूर्यास्त : 17:31:59
वैदिक सूर्योदय: 6:40:35
वैदिक सूर्यास्त : 17:27:55
चंद्रोदय: 16:22:43
चंद्रास्त : 4:18:50
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि: तुला
दिशा शूल : पश्चिम
नक्षत्र शूल चंद्र निवास : उत्तर
शक संवत : शुभकृत 1944
मास अमांत: कार्तिक
विक्रम संवत: रक्षा 2079
मास पूर्णिमांत: कार्तिक
ऋतु : शरद
अयन : दक्षिणायन
राहु कालं : 16:10:03 से 17:31:59 तक
गुलिकालं : 14:48:07 से 16:10:03 तक
यंमघन्त कालं : 12:04:14 से 13:26:10 तक
अभिजीत मुहूर्त : 11:43 से 12:25 तक
