धोनी पहुंचे हाईकोर्ट… कहा- आईपीएस अफसर पर दर्ज करें केस

by sadmin
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भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने 2014 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में एक आईपीएस अधिकारी तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक संपत कुमार के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। आम तौर पर शांत व कम बोलेने वाले धोनी का इस तरह हाईकोर्ट पहुंचना खेलप्रेमियों के लिए उत्सुकता विषय है। दरअसल धोनी एक एक मंजे हुए क्रिकेटर के साथ धीर गंभीर इंसान भी हैं। महेंद्र सिंह धोनी ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के खिलाफ बयानबाजी करने वाले इस आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार को नोटिस भेजा जाए और केस दर्ज किया जाए। 

दरअसल 2014 में महेंद्र सिंह धोनी ने तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक संपत कुमार को मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग से संबंधित कोई भी बयान देने से स्थायी रूप से रोकने के लिए एक दीवानी मुकदमा दायर किया था। उन्होंने अदालत से हर्जाने के लिए ₹ 100 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश देने का अनुरोध भी किया था। मामले में 18 मार्च 2014 को पारित एक अंतरिम आदेश के तहत अदालत ने संपत कुमार को धोनी के खिलाफ कोई भी बयान देने से रोक दिया था। इस आदेश के बावजूद संपत कुमार ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा दायर किया जिसमें उनके खिलाफ मामलों में न्यायपालिका और वरिष्ठ सरकारी वकील के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। संपत ने कथित तौर पर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस मुद्गल कमेटी के कुछ हिस्सों को सीलबंद रखने का फैसला किया था और उसे स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम को उपलब्ध नहीं कराया गया था। यह मामला मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया, तो हाई कोर्ट दिसंबर 2021 में इस पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया।

ये था मामला… खिलाड़ियों का कैरियर ही खत्म हो गया था 

2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग का मामला सामने आया था। इसमें राजस्थान रॉयल्स के 3न खिलाड़ी, एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण पर आरोप लगे थे। जांच में सट्टेबाजी सामने आई थी। राजस्थान के तत्कालीन सहमालिक राज कुंद्रा और चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को भी दोषी पाया गया था। यही मामला सामने आने के बाद इन खिलाड़ियों का कैरियर खत्म हो गया। 

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