आज के शब्द: हम ही विनाश भर आए हैं इस निखिल विश्व-आडंबर में

by sadmin
Spread the love
हमने नव-सृजन-प्रेरणा से
छिटकाये तारे अंबर में,
हम ही विनाश भर आए हैं
इस निखिल विश्व-आडंबर में

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!