रेलवे स्टेशन से केंद्री के बीच 19 किमी की एक्सप्रेस-वे अभी पूरी तरह से चालू नहीं हुई है और चोर इसके लगभग 7 किमी के हिस्से में लगी स्ट्रीट लाइट का केबल चुराकर ले गए। करीब 25 लाख के केबल चोरी होने से पंडरी राजातालाब से तेलीबांधा रिंग तक के पैच की स्ट्रीट लाइट पूरी तरह से बंद हो गई है। अब रात को इस हिस्से से गुजरना मुश्किल हो गया है। चोर इसके पहले सड़क के दोनों ओर लगी लोहे की बड़ी-बड़ी ग्रिल उखाड़कर ले जा चुके हैं। चोर अब तक 60 लाख से ज्यादा के सामान चोरी कर चुके हैं। केबल चोरी होने से एक्सप्रेस-वे को दोबारा शुरू करने की तैयारियों पर भी झटका लगा है। अब नए सिरे से स्ट्रीट लाइट के लिए केबल बिछाना पड़ेगा।
इसमें अतिरिक्त समय लगेगा। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप ने बताया कि एक्सप्रेस- वे पर निर्माण के दौरान सामान चोरी हो रहा है। लगातार हो रही चोरी को लेकर थाने में शिकायत कर पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की जाएगी। ट्रैफिक ज्यादा नहीं होने के कारण वैसे भी यहां लूट और मारपीट की वारदातें हो चुकी हैं अब स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा छा गया है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जुटी कंपनी के जिम्मेदारों की ओर से ग्रिल और केबल चोरी होने की शिकायत पुलिस में कर दी गई है।
घटिया निर्माण इसलिए की जा रही मरम्मत
लगभग 295.87 करोड़ की लागत से एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया था। मई-2019 में एक्सप्रेस-वे को ट्रायल के लिए खोला गया था, लेकिन 11 अगस्त, 2019 को तेलीबांधा ओवरब्रिज का एक हिस्सा धसक गया। सरकार ने इसके बाद निर्माण की जांच करायी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सड़क और फ्लाईओवर के निर्माण में लापरवाही बरती गई है।
मजबूती का ध्यान नहीं रखा गया। इसी रिपोर्ट के बाद इसके पांचों फ्लाईओवर को तोड़कर फिर से निर्माण का आदेश दिया। उसी के बाद से निर्माण कार्य चल रहा है। फिलहाल रोड और फ्लाईओवर का काम लगभग पूरा हो गया है। अभी इस पर सीसीटीवी कैमरा, मार्किंग और ग्रिल लगाने का काम चल रहा है। स्ट्रीट लाइट का काम लगभग पूरा हो गया था लेकिन अब केबल चोरी कर लिया गया है।
हादसा रोकने रोड को करना है कवर्ड
सीजीआरडीसी के अफसरों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह कवर्ड रखा जाएगा। कुछ चुने हुए प्वाइंट के अलावा हर जगह से वाहनों को एंट्री नहीं मिलेगी। इससे हादसों का खतरा नहीं रहेगा। एक्सप्रेस-वे को कवर्ड करने इसके दोनों ओर लोहे की ग्रिल लगाकर रोड को कवर्ड किया गया है। हालांकि कुछ लोगांे ने ग्रिल काटकर रास्ता बनाकर बाइपास रोड को इससे जोड़ लिया है। कुछ लोगों ने दुकान, कांप्लेक्स, मकान का दरवाजा एक्सप्रेस-वे की ओर खोल लिया, जबकि यह नियम के खिलाफ है।
स्टेशन से सीधे शदाणी दरबार माना तक पहुंच रहे लोग
एक्सप्रेस वे को भले ही ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है, लेकिन शहर के लोगों को इससे बड़ी राहत मिल गई है। रेलवे स्टेशन के पास से वाहन चालक ट्रैफिक की झंझट में फंसे बिना ही सीधे माना स्थित शदाणी दरबार तक पहुंच रहे हैं। एक्सप्रेस वे का सबसे ज्यादा फायदा खमतराई, देवेन्द्र नगर, शंकर नगर, खम्हारडीह और तेलीबांधा के लोगों को मिल रहा है। अफसरों के अनुसार रेलवे स्टेशन के छोटे से हिस्से को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काम बाकी है। उसके बाद लोग सीधे स्टेशन तक आ सकेंगे।
