रक्षाबंधन पर गोबर की राखियों से गौसेवा की अनूठी मिसाल

by sadmin
Spread the love

महापौर और निगम आयुक्त ने कल्याणम महिला स्व सहायता समूह द्वारा गोबर से बनाए गए राखी की तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं दी.

दुर्ग । गौसेवा में निरंतर कार्यरत एवं 450 गौवंशो की सेवा एवं संवर्धन में पुलगांव स्थित गोकुल नगर स्थित गौठान कल्याणम महिला स्व सहायता समूह द्वारा इस वर्ष राखी बनाने का कार्य कर रहे है एवं प्रत्येक राखी से आने वाली आवक को पूर्णतः गौसेवा में प्रयोग लाने का संकल्प भी लिए है।
महापौर धीरज बाकलीवाल और निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने कल्याणम महिला स्व सहायता समूह द्वारा गोबर से बनाए गए उत्पादों की तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं दी.
पूर्णतः देसी नस्ल के गौवंशो के गोबर से बनने वाली डिज़ाइनर राखियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इन राखियो से ना केवल भाइयो के हाथ सुसज्जित होंगे बल्कि इस माध्यम से परोक्ष रूप से गौसेवा में भी अपना योगदान दिया जा सकेगा।
रंग बिरंगी राखियाँ इस वर्ष बाजार की रौनक बनने को तैयार है एवं पारंपरिक रूप से हाथो से बनने वाली राखियाँ दिखने में बहुत आकर्षक भी है। राखियों की मांग दूर दूर से आ रही है एवं न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्यो से भी इसकी मांग आना चालू हो गया है। समूह की अध्यक्ष गायत्री डोटे ने बताया कि हमारा ध्येय गौसेवा के तहत महिला स्वावलंबन एवं लघु उद्योग की तरफ लोगो को ले जाने का उद्देश्य ही एक सशस्क्त समाज के निर्माण में सहायक होगा।

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!