दिव्यांगजनों के विवाह प्रोत्साहन के लिए आर्थिक सहायता देती है सरकार, इसकी सहायता से संवर रही अनेक जिंदगी

by sadmin
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-विवाह के पश्चात योजना से मिली प्रोत्साहन राशि से ई-रिक्शा खरीद हेमंत ने किया स्वयं को सशक्त
दक्षिणापथ, दुर्ग।
लोक कल्याणकारी राज्य हर अवसर पर उन लोगों के साथ खड़ा होता है जो एक हाथ बढ़ाने पर आसमान छूने की क्षमता रखते हैं। दिव्यांगजनों के लिए ऐसी ही अनेक योजनाओं में एक आकर्षक योजना दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन राशि योजना है। इसमें दिव्यांग दंपत्ति में एक के दिव्यांग होने पर पचास हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और दोनों के दिव्यांग होने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। दुर्ग जिले में इस योजना से अनेक हितग्राहियों ने अपनी जिंदगी निर्णायक दिशा में बदल दी है। इन्हीं में से एक कहानी है हेमंत कुमार साहू की। वे कमर के नीचे पूर्णतः दिव्यांग हैं ऐसे में चलना-फिरना उनके लिए काफी दुष्कर है। हेमंत को हर महीने पेंशन मिलती है लेकिन आगे बढ़ने का लक्ष्य लिये हेमंत यहीं पर नहीं रूके। उन्होंने अपने दोस्त की ई-रिक्शा चलाई। जब हेमंत का ब्याह हुआ तब अधिकारियों ने उसे दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी। उन्होंने इसके लिए आवेदन किया और उन्हें विभाग द्वारा पचास हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसमें कुछ राशि मिलाकर उन्होंने अपना ई-रिक्शा खरीदा। हेमंत ने बताया कि वे जब ई-रिक्शा किराये पर लेते थे तो आय का काफी बड़ा हिस्सा ई-रिक्शा मालिक को देना पड़ता था। ई-रिक्शा खरीदने की इच्छा थी लेकिन आर्थिक संसाधन पर्याप्त नहीं थे, इन्हें जोड़ने में काफी समय लग जाता। विवाह मेरे लिए बहुत शुभ साबित हुआ। मुझे नहीं मालूम था कि विवाह जैसे व्यक्तिगत आयोजन के लिए भी दिव्यांगजनों की चिंताओं के प्रति सरकार सरोकार रखती है। जब इसके बारे में पता चला तो समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर इसका आवेदन भर दिया। इसके लिए औपचारिकताएं बेहद आसान हैं। सहायता राशि स्वीकृत हो गई और अब मैं बहुत खुश हूँ। समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री डोनर सिंह ठाकुर ने बताया कि दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करने यह बड़ी अच्छी योजना है। इसमें औपचारिकताएं भी बहुत सीमित हैं। आवेदन आते ही परीक्षण के पश्चात जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाती है।
अच्छी योजना- दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करने यह योजना बेहद कारगर है। विवाह के पश्चात दंपत्ति की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रोत्साहन योजना से मिली राशि का उचित उपयोग कर दंपत्ति अपने को आर्थिक रूप से सशक्त कर सकता है। कई मामलों में लोगों ने इससे अपने व्यवसाय आरंभ किये और कुछ मामलों में व्यवसाय को बढ़ाने के लिए योजना की मदद ली।

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