सफलता की कहानी : गांव में किराना दुकान संचालन कर अनिता बनी आत्मनिर्भर

by sadmin
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दक्षिणापथ, बीजापुर। जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के कोनागुड़ा निवासी अनिता चिकुड़ ने स्वयं को रोजगार से जोड़ने ललक सहित गांव की जरूरत को देखते हुए शासन की योजना से लाभान्वित होकर गांव में किराना दुकान चला रही हैं। इस किराना दुकान से जहां गांव के लोगों को जरूरी चीजें सुलभ हो रही है। वहीं अनिता ग्रामीणों को आवश्यक सामान मुहैय्या कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। अनिता ने बताया कि उनके पति जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बीजापुर में कलेक्टर दर पर भृत्य की नौकरी में कार्यरत हैं, परन्तु उनकी मासिक वेतन बहुत ही कम होने के कारण परिवार चलाने में काफी कठिनाई हो रही थी। अनिता ने बताया कि अपने पति के साथ घर की आर्थिक स्थिति पर सुधार पर चर्चा करते वक्त कोनागुड़ा में कोई किराना की दुकान विद्यमान न होने के कारण जरूरी चीजें एवं राशन से संबंधित व्यवसाय प्रारंभ करने का विचार आया। इसे ध्यान में रखकर अनिता ने किराना दुकान की व्यवसाय हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बीजापुर से सम्पर्क कर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनांतर्गत वर्ष 2020 में ऋण हेतु आवेदन किया। विभाग द्वारा आवेदन को गांव के नजदीकी पंजाब नेशनल बैंक संगमपल्ली को प्रेषित कर 1 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत कराया गया। स्वीकृति उपरांत अनिता को 6 दिवस का उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान कर संबंधित बैंक से ऋण वितरण भी कराया गया, चूंकि अनिता अनुसूचित जनजाति वर्ग से होने के कारण स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि 25 हजार रूपये विभाग द्वारा प्रदाय किया गया है। अनिता बताती हैं कि वर्तमान में किराना व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 6 हजार रूपये तक की आमदनी हो रही है जिससे बैंक की किश्तों का भी समय पर भुगतान कर रही हैं। उन्होने बताया कि दुकान संचालित करने के साथ ही खाली समय में सिलाई का भी कार्य कर रही हैं जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के फलस्वरूप अब वह आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो चुकी हैं।

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