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दक्षिणापथ, दुर्ग। निगमायुक्त आयुक्त हरेश मण्डावी ने राजस्व विभाग,स्पैरोटेक कंपनी एवं भवन शाखा के अधिकारियों के साथ संपत्तिकर वसूली समीक्षा किया था। जिसमें आयुक्त द्वारा अद्यतन वसूली को लेकर बडी नाराजगी जताई गई तथा आगामी वसूली दुगुनी करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होने वार्डवार सहायक निरीक्षको की टीम बनाकर स्पैरो टीम के साथ एवं आवश्यक होने पर भवन शाखा के इंजिनियारो के साथ संपत्तिकर जांच के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने राजस्व निरीक्षको को अपने प्रभार वाले वार्ड में ऐसे व्यवसायिक परिसरो को सूचीबद्ध कर संपत्तिकर का नापजोख कर असेसमेंट कर टैक्स वसूली के निर्देश दिये थे। आदेश के परिपालन में सहा. राजस्व निरीक्षको द्वारा स्पैरो से पूर्व असेसमेंट लेकर स्थल पर जाकर नये सिरे से जांच की जा रही है। जिस आवासीय भवन का उपयोग दुकान बनाकर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है, उसका असेसमेंट व्यवसायिक दर संपत्तिकर लिया जा रहा हैं। आवासीय मकान को किराए में दिया गया है, उसका निर्धारितं संपत्तिकर में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान नियमानुसार नहीं दिया जायेगा। शहर के 274 बडे बकायादारो को सूचीबद्ध किया गया हैं । जिनके द्वारा ना ही विवरणी भरी गई और ना ही वर्षो से संपत्तिकर की राशि नगर निगम में जमा गई है। ऐसे बकायादार जो संपत्तिकर जमा करने आनाकानी कर रहे हैं उन पर नियमानुसार कार्यवाही कर संपत्ति कुर्की के निर्देश दिये गये है। राजस्व निरीक्षको द्वारा निंरतर बडे बकायादारो की संपत्ति का असेसमेंट किया जा रहा है। जिससे पूर्व संपत्तिकर की राशि एवं वर्तमान संपत्ति कर की राशि में काफी अंतर प्राप्त हो रहा है। उदाहरण तौर पर वार्ड क्र. 37 के व्यवसायिक परिसर में 55 हजार, वार्ड 37 के पेट्रोल पंप में 1.19 लाख वार्ड क्र 24 बाईक शो रूम में 22 हजार, वार्ड क्र 01 नयापारा बस सर्विस परिसर में लगभग 74 हजार, वार्ड क्र0 43 स्थित मंगल परिसर में लगभग 48 हजार, वसूली में अंतर पाया गया । इसी प्रकार सभी वार्डो के आवासीय एवं व्यवसायिक परिसरो के संपत्तिकर में अंतर प्राप्त हो रहे है। निगम आयुक्त द्वारा संपत्तिकर वसूली हेतु दिये गये निर्देश के साकारात्मक परिणाम सामने आ रहा हैं।

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