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दक्षिणापथ, दुर्ग । दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे ने जिले में पौधरोपण के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता की जाँच की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से किया है,डॉ. प्रतीक उमरे ने बताया की दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा पौधरोपण महाअभियान जिले भर में चलाया जा रहा है,इसके लिए शहर से लेकर गाँव गाँव मे पौधरोपण किया जा रहा है,प्रत्येक वर्ष प्रशासन द्वारा पौधरोपण के नाम पर लाखों रुपए फूंक दिये जाते है,लेकिन लगाए गए पौधों में गिनती के ही पौधे बच पाते है,अन्यथा कई तो देखरेख के आभाव में जानवरों द्वारा या फिर पानी नही मिलने से सूख कर मर जाते हैं,पिछले वर्ष जिन जगहों पर पौधरोपण किया गया था इस वर्ष फिर उन्हीं स्थानों पर पौधरोपण किया जा रहा है,जिला स्तर पर प्रशासन द्वारा पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित करना वित्तीय अनियमितता करने के प्रयास को दर्शाता है,पौधरोपण करने के बाद पेड़ बनते तक उनकी देखभाल नही किया जाता,जिला प्रशासन द्वारा सिर्फ कागजों पर ही वृक्षारोपण कर खानापूर्ति किया जाता रहा है,प्रशासन द्वारा हर साल हजारों पेड़ लगाने का दावा किया किया जाता है,लेकिन जमीनी स्तर पर कितने पौधे पेड़ का रूप ले पाए इसकी जानकारी जिले के किसी अधिकारी के पास नही है,पौधा तैयार करने से लेकर पौधरोपण स्थल तक पहुंचाने में राशि खर्च होती है उसे भी बढ़ाचढ़ा कर बताया जाता है,साथ ही रोपे गए पौधों के सुरक्षा के नाम पर ट्री गार्ड एवं अन्य कई सामग्री सुरक्षा घेरा के लिए क्रय किया जाता है,इसमें भी भ्रष्टाचार किया जाता है,जगह घेरने के लिए भी लकडी बाँस का सहारा लिया जाता है,जिसमे भी अनियमितता किया जाता है,इसके बावजूद पौधों की सुरक्षा नही हो पाती,इसी तरह जिला प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त रहा तो नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के उत्थान एवं हरियर दुर्ग का सपना सिर्फ सपना रह जायेगा,डॉ. प्रतीक उमरे ने भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से किया है।

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