दुर्ग पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई: हत्या के 06 आरोपी गिरफ्तार

by sadmin
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भिलाई। अपहरण-हत्या के एक मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल सहित घातक हथियार भी बरामद किया है। घटना 17 अक्टूबर की है। स्मृति नगर चौकी में नितेस डाहिरे ने सूचना दर्ज कराई कि उसका भाई नीलेश डाहरे लापता हो गया है। मोबाइल भी बंद मिल रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर मामले को विवेचना में लिया। पुलिस को बताया कि नीलेश म्यूजिशियन है और एलबम वगैरह बनाता है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और नीलेश डाहिरे की तलाश शुरू की। पुलिस ने आस-पास के लोगों तथा मित्रों से पूछताछ की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने कोई अप्रिय घटना होने की आशंका में टेक्नीकल साक्ष्यों का सहारा लिया। लापता नीलश के कॉल डिटेल निकलवाने पर पुलिस का संदेश और बढ़ गया। थाना प्रभारी ने इसकी सूचना आला अधिकारी को दी। इसके बाद एसपी डॉ अभिषेक पल्लव के निर्देश पर एएसपी शहर संजय ध्रुव तथा सीएसपी भिलाईनगर निखिल राखेजा के मार्गदर्शन में 8 सदस्यी संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम एक सूचना पर सिमगा के ग्रा कचकोन पहुंची और वहां घचना से जुड़े सीडीआर मिला। इस आधार पर घटना की गहन जांच शुरू की गई। पुलिस ने इस मामले संदेह के आधार पर 6 लोगों को हिरासत में लिया और उनसे सख्ती के साथ पूछताछ शुरू की। सभी संदेही बहुत ज्यादा शातिर व आपराधिक प्रवृत्ति के थे। पूरे क्षेत्र में इनके नाम का खौफ था। बहुत मशक्कत के बाद 6 में से 3 आरोपी टूट गए और नीलेश को भिलाई से अपहरण कर हत्या कर देना कबूल किया।

मृतक का सिर महासमुंद के जंगल से बरामद किया गया

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना कबूल तो कर लिया था परन्तु आरोपियों ने जो घटना का स्वरूप पुलिस संदेह हो रहा था। आरोपियो के निशानदेही पर मृतक का शव अथवा हथियार था कोई भी साक्ष्य बरामद नहीं हुआ था। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबीर से कुछ महत्वपूर्ण सूचना मिली जिसके आधार पर आरोपियों से पुनः पूछताछ शुरू की गई। आरोपियों ने घटना कबूल किया और बताया कि नीलेश से उक्त सभी आरोपियों की दोस्ती थी। फरारी के समय भी नीलेश के पास आकर ठहरते थे। इसके बाद टीम ने आरोपियों के निशानदेही पर मृतक के शव का धड़ महासमुंद से करीब 150 किमी दूर नेशनल हाईवे से लगे जंगल से बरामद किया गया। आरोपियों ने शरीर के अन्य हिस्सो को अलग-अलग जगह नदी में फेंकने की बात कही। जिसकी तलाश अब भी जारी है।

मृतक के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर बोरे में भर कर ले गए

पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कुल्हाडी, चाकू, व डंडे आदि बरामद कर लिया है। घटना में प्रयुक्त अर्टिका कार व मृतक की एक्टीवा भी आरोपीगण के कब्जे से बरामद कर लिया गया है। उक्त घटना में शामिल आरोपी मोण्टू व वरूण से मृतक नीलेश ने करीब 1 लाख 60 हजार रुपए ले रखे थे। साथ ही मोण्टू का एक एक्टीवा भी अपने पास रखा था। नीलेश जब भी एक्टीवा लेने जाते तो पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी देते थे। इसी बात से नाराज होकर मोण्टू, जो कि एक कुख्यात अपराधी है, ने अपने गैंग के वरूण, भोजराम व अन्य के साथ मिलकर किराये की एक अर्टिका कार बुक कर भिलाई आकर मृतक नीलेश को 7 अक्टूबर को अपहरण कर ग्राम कचकोन (सिमगा) के एक नर्सरी में ले जाकर मारपीट कर हत्या कर दी। इसके बाद मनीष निवासी कचकोन के घर लाकर मृतक के शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग चार बोरों में भर कर अलग-अलग स्थानों पर डिस्पोज कर दिया।

पुलिस टीम ने आरोपियों गैंग के कब्जे से अलग-अलग जगहों से 2 नग नकली पिस्टल, तलवार, चाकू, फरसा और कई तरह के हथियार बरामद किया है। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक दुर्गेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में उप निरी. युवराज देशमुख, एल.एस. वर्मा, आरक्षक जुनैद सिद्दीकी, विकास तिवारी, तुषार, आशीष यादव, जयनारायण यादव की सराहनीय भूमिका रही है।

 

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