30 साल बाद नवरात्रि में बन रहा दुर्लभ संयोग

by sadmin
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रायपुर । शारदीय नवरात्रि को लेकर देवी मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरणों में है। 15 अक्टूबर से प्रारंभ होने इस शक्तिपर्व के लिए देवी मंदिरों में ज्योत-जंवारा, कलश स्थापना की तैयारियां कर ली गई हैं। इस वर्ष करीब 30 साल बाद नवरात्रि में दुर्लभ संयोग बन रहा है।  शारदीय नवरात्रि पर करीब 30 साल बाद अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। इस वर्ष पितृमोक्ष अमावस्या 14 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। इसके अगले दिन से अश्वनी मास का शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसके साथ ही शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो जाएगी। 23 अक्टूबर को नवमीं तिथि पर नवरात्रि का समापन होगा। इन नौ दिनों में मां आदिशक्ति की आराधना होगी और मां से सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का आशीर्वाद लिया जाएगा।

जानकारों की माने तो इस वर्ष की नवरात्रि में दुर्लभ संयोग बन रहा है। करीब 30 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि शरद नवरात्रि में बुधादित्य योग, शश राजयोग तथा भद्र राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस तिगड़ी से आम जनमानस पूरी श्रद्धा-भक्त से मां भगवती की आराधना करता है तो निश्चित रूप से उसे मां की अत्यधिक कृपा प्राप्ति होगी।
देवी मंदिरों में भव्य तैयारियां :
नवरात्रि को लेकर देवी मंदिरों में भव्य तैयारियां चल रही हैं। देवी मंदिरों में रंग-रोगन के बाद आकर्षक विद्युत झालरों से साज-सज्जा की गई है। वहीं मनोकामना ज्योति कलाश गृहों को भी सजा कर ज्योति प्रज्जवलित करने के लिए तैयार कर लिया गया है। शहर के चौक-चौराहों में माता की प्रतिमा स्थापना के लिए भी जोरदार तैयारियां चल रही हैं। वहीं मूर्तिकारों ने भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

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