मकानों के लीज पंजियन को रजिस्ट्री बताकर विधायक-महापौर लूट रहे वाहवाही

by sadmin
Spread the love

अजय साहू/भिलाई, ShorGul. News । भिलाई टाउन शिप में मकान लीज की रजिस्ट्री का मामला गरमा गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख पार्टियां इस मामले को लेकर राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हैं। जिससे लीजधारियों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है। टाउनशिप के लीज मकानों की रजिस्ट्री की मांग करीब दो दशक पुरानी है। अब तक किसी राजनीतिक पार्टी ने लीजधारियों की सुध नहीं ली थी। बीएसपी ने साढ़े चार हजार अपने मकान को लीज पर दिया है।

इस दो दशक में लीजधारियों ने अपने पारिवारिक जरूरतों के हिसाब से कंस्ट्रक्शन कर लिया है। लीज की मियाद पूरी होने का समय के साथ लीजधारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। उन्हें यह चिंता भी सता रही है कि लीज का नवीनीकरण होगा की नहीं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव निकट है और साल के अंत तक प्रदेश में नई सरकार अस्तित्व में आ जाएगी। कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां चुनाव को लेकर जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदेश सरकार वापस सत्ता में आने जनता को किसी न किसी रूप में प्रलोभित करने में लगी है। भिलाई के टाउनशिप में लीज रजिस्ट्री का मामला भी प्रलोभन का एक हिस्सा ही है। भिलाई के साढ़े चार हजार लीजधारक और उनके परिवार को अपने पक्ष में करने कांग्रेस ने लीज पंजीयन को रजिस्ट्री बताकर जोरदार प्रचारित और श्रेय लूटने में लगी है। लीज रजिस्ट्री के इस मामले में आड़े हाथ लेते हुए भाजपा अपना अलग राग अलाप रही है। जिससे लीजधारियों में अब भ्रम की स्थिति बन गई है। मकान लीज के मामले में अब तक जो स्थिति स्पष्ट हुई है। उससे लीज धारियों को यह समझ लेना चाहिए कि लीज मकानों को लेकर पंजीयक ऑफिस में जो कार्यवाही की गई है। उससे लीज मकानों का पंजीयन कार्यालय में सिर्फ पंजीयन हुआ है। पंजीयन कार्यालय से लीज धारकों को जो दस्तावेज वेज मिल रहे हैं वो उनके मकान की रजिर्स्टी के कागजात नहीं है।

प्रदेश सरकार के निर्देश पर विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल ने लीज मकानों का पंजीयन कराने के लिए पहल की है। इस पंजीयन को विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल ऐसा प्रचारित कर दिया कि लीज मकानों की रजिस्ट्री हो रही है। कांग्रेस को इसका चुनाव में कितना लाभ मिलेगा, यह तो समय ही बताएगा लेकिन कांग्रेस का पासा अभी से उलटा पड़ता नजर आ रहा है। भाजपा ने इस लीज रजिस्ट्री के नब्ज को पकड़ लिया है और लीजधारियों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि कांग्रेस लीजधारियों के साथ छल कर रही है।

भाजपाइयों के तर्क में वजन है। जमीन मकान की रजिस्ट्री की अपनी एक अलग प्रक्रिया है। इसके लिए जमीन मकान या कोई भी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए खसरा नकल और ऋण पुस्तिका की आवश्यकता होती है। इसके बिना किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। टाउनशिप के लीज मकानों का पंजीयन हो रहा है, रजिस्ट्री नहीं। इस मामले को खुलासा हो गया है। लीजधारकों को भी भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। जो लीजधारी अपने मकान का पंजीयन रजिस्टार ऑफिस में कराने चाहते हैं वे आवस्यक दस्तावेज के साथ पंजीयन ऑफिस पहुंच कर अपने लीज मकान का पंजीयन करा सकते है। प्रशासन ने फिलहाल यह व्यवस्था लीजधारकों के लिए कर दी है।

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!