कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर निलंबित, फर्जी दस्तावेज लगाकर कर रहा था नौकरी

by sadmin
Spread the love

रायपुर। फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने के मामले में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली की सेवा समाप्त कर दी गई है. इसका आदेश केटीयू के कुलसचिव डॉ. चंद्रशेखर ओझा ने जारी किया है. जांच समिति की रिपोर्ट एवं विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के निर्णय के आधार पर डाॅ. शाहिद की सेवा समाप्त की गई है. डॉक्टर अली जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर थे.

विश्वविद्यालय कार्यपरिषद ने डॉ. अली को बर्खास्त करने को लेकर कार्रवाई करते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने नोटिस देकर 15 दिनों का समय दिया था. तीन सदस्यी जांच कमेटी ने डाॅ. शाहिद अली का दस्तावेज फर्जी होना बताया था. कार्य परिषद की आपात मीटिंग में डॉक्टर शाहिद अली को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का फैसला लिया गया था. कार्य परिषद के फैसले के बाद नोटिस जारी कर फर्जी दस्तावेज मामले में डॉक्टर शाहिद अली से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था. जांच समिति की रिपोर्ट एवं विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के निर्णय के आधार पर कुलसचिव ने डाॅ. शाहिद अली की सेवा समाप्त की है.

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!