रायपुर। मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व में ली गई रिमांड अवधि पूरी होने के बाद गुरुवार 10 नवंबर को ईडी जांच मामले में निलंबित आईएएस समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी व सूर्यकांत को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। जैसी कि संभावना जताई जा रही थी ईडी चारों की फिर रिमांड मांग सकता है और मांगा भी। तब इनके वकीलों की टीम ने अंतरिम जमानत की मांग की, अभियोजन पक्ष के वकील ने इनके लिए हाउस अरेस्ट का विकल्प सुझाया और जेल न भेजे जाने की अपील की। उन्होंने कर्नाटका हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया। 10 नवंबर को अदालत ने कोई फैसला न देकर इन्हें एक दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया है, अब मामले की सुनवाई कल 11 नवंबर को फिर होगी।
कोयला कारोबार में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार आईएएस समीर बिश्नोई और कारोबारियों की जमानत, रिमांड पर गुरुवार को विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कारोबारियों के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि सूर्यकांत तिवारी के खिलाफ बंगलुरू में दर्ज केस कर्नाटक हाईकोर्ट से स्टे है। इसी आधार पर सूर्यकांत और दूसरे कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया। जब मुख्य अपराध की जांच पर ही स्टे है तो ईडी के आरोपों पर कार्रवाई कैसे हो सकती है इसलिए जब तक उस केस का फैसला नहीं आ जाता, गिरफ्तार कारोबारियों को या तो अंतरिम जमानत दे दें या फिर हाउस अरेस्ट में रखें। कोर्ट ने यह तर्क नहीं माना लेकिन ईडी को इस संबंध में अपना जवाब पेश करने कहा। ईडी ने इसके लिए समय मांगा है।
सूर्यकांत तिवारी के वकील फैजल रिजवी ने भी इसी स्टे का हवाला देते हुए बताया कि यहां चल रहे मामले की जांच भी स्थगित रखनी चाहिए। उन्होंने ईडी के उस आवेदन का भी विरोध किया जिसमें सूर्यकांत को दो दिन और कस्टोडियल रिमांड में रखने की बात की जा रही थी। बहस सुनने के बाद स्पेशल जज ने दो दिन की रिमांड का आवेदन खारिज कर दिया और सभी चारों आरोपियों की एक दिन की रिमांड स्वीकृत कर दी। इस तरह मनी लान्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल और आईएएस समीर विश्नोई को ईडी की विशेष अदालत ने 10 नवंबर को न्यायिक रिमांड पर एक दिन के लिए जेल भेज दिया। इस मामले में शुक्रवार को फिर से सुनवाई होगी।
