रायपुर। राजधानी के उरला थाना क्षेत्र में पिछले दिनों बीरगांव निवासी वाहेजुद्दीन उर्फ बाबू की हत्या में पुलिस ने नया खुलासा किया है। बताया कि हत्या में 2 नहीं 4 बदमाश शामिल थे। इसमें दो बदमाश को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि हत्या में शामिल एक बदमाश सोनू उर्फ सोमेन्द्र जंघेल गुढ़ियारी 27 सितंबर से ही जेल में बंद है।
इस मामले में चौथा आरोपी रामराव पिता राजेन्द्र सिंह (21) निवासी धनलक्ष्मी नगर, भनपुरी थाना, उरला की घटना में संलिप्तता दिख रही थी इसलिए 31 अक्टूबर से नजर रखने के साथ कड़ियां जोड़ी जा रही थी। इसमें घटना की कड़ियां जोड़ने पर रामराव की भूमिका भी सामने आई, उसके बाद उसे भी हिरासत में लिया गया और 2 दिनों तक उससे कड़ाई से पूछताछ में हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। सोनू की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी जो जेल में बंद है।
नशे के लिए तीन आरोपी शामिल हुए
थाना प्रभारी उरला सुरेश ध्रुव के अनुसार बीरगांव के युवक वाहेजुद्दीन की हत्या में आरोपी विश्वनाथ उर्फ विशु, सोनू उर्फ सोमेन्द्र जंधेल और रामराव केवल नशे के लिए और दोस्ती निभाने के लिए हत्या में शामिल हो गए जबकि हत्याकांड का मास्टर माइंड आरोपी फिरोज खान, करीम खान से रिश्तेदारी में वफादारी निभाने के लिए पूरी वारदात की। आरोपियों ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है।
सोनू घटनास्थल लेकर पहुंचा था
थाना प्रभारी ने कहा कि सोनू जंघेल युवक वाहेजुद्दीन को बीरगांव से मोटरसायकिल में रामेश्वर नगर 25 सिंतबर को लेकर पहुंचा था जहां सभी ने मिलकर नशा किया फिर फिरोज ने चाकू से वार कर वाहेजुद्दीन की हत्या कर दी। बाद में सभी ने मिलकर लाश को दफना दिया और भाग निकले। चूंकि गुढ़ियारी में 24 सितंबर को एक चाकूबाजी की घटना में सोनू शामिल था इसलिए पुलिस तलाश रही थी। लिहाजा 27 सितंबर को पकड़ लिया गया और जेल भेज दिया गया। रामराव के पकड़े जाने के बाद उसकी संलिप्तता की जानकारी पता लगी।
