गरियाबंद। जनपद पंचायत के सीईओ करुण डहरिया रिश्वत लेते आज एंटी करप्शन ब्यूरो के हाथो रंगे हाथ पकड़ा गया। वह कांग्रेस नेता से काम के एवज में पैसे की मांग की थी। मिली जानकारी अनुसार कांग्रेस नेता सफीक खान से बोरवेल का बिल पास कराने गरियाबंद जनपद पंचायत के सीईओ ने कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी, फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा जनपद पंचायत में इस मामले की कार्रवाई की जा रही है।
सीईओ करून डहरिया 20 हजार की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम कार्यालयीन समय में गरियाबन्द पहुंच गई थी। बिल पास कराने के एवज में डहरिया ने रिश्वत की मांग की थी। प्रार्थी के पैसा देते ही एसीबी की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया है। जनपद सदस्य मोहम्मद सफीक खान ने मामले की शिकायत एसीबी से की थी। सीईओ ने 15वें वित्त मद से कराए गए बोरवेल खनन के बिल के एवज में पैसे मांगे थे।
मामले पर जनपद सदस्य मोहम्मद सफीक खान का एक वीडियो जारी हुआ है। वीडियो में वे मीडिया के सवालों का जवाब दे रह हैं। प्रार्थी सफीक खान आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि सीईओ करून डहरिया ने बोरवेल का बिल पास कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी। मैंने उन्हें पैसे दिए तो सीईओ अपने दराज में रख लिए। सफीक खान ने आरोप लगाया कि अधिकारी भूपेश सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ये अधिकारी बीजेपी के एजेंड की तरह काम कर रहे हैं।
