आदिवासियों के आस्था के केंद्र चोकसील के देवगढ़धाम में आयोजित पुन्नी मेला में आज सैकड़ों श्रद्धालु जुटे। यहां 7 साल से यह मेला आयोजित हो रहा है और मेले की खास बात ये है कि यहां नशापान की सख्त मनाही है। यही वजह है कि हजारों की संक्या में भीड़ जुटती है पर इतनी अनुशासित रहती है कि पुलिस-प्रशासन को कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती। पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर ग्राम्य देवी-देवता झूमते हैं और श्रध्दालु उन्हें शीश नवाते हैं। आमंत्रण पर बस्तर के देव भी शामिल हुए।
उदंती अभयारण्य क्षेत्र में प्राकृतिक वादियों के बीच पहाड़ पर मौजूद चोकसील में आज आयोजित पुन्नी मेला में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। बारहपाली समिति द्वारा वर्षों से आयोजित इस आस्था के केंद्र में क्षेत्र भर के ग्राम देवी देवताओं के अलावा खास आमंत्रण पर बस्तर के देव भी शामिल हुए। शनिवार से ग्राम देवताओं के आने का सिलसिला शुरू गया था। पहाड़ पर चट्टानों पर देववाद्यों की धुन के बीच देव झूमते नजर आए। विधि विधान से पूजा अर्चना कर पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर अपनी श्रद्धा प्रकट की। विगत 7 वर्षों से आयोजित हो रहे इस भव्य मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। खास बात यह है कि भीड़ में भी सभी संयमित थे। समिति की ओर से नशापान पर पूरी प्रतिबंध रहता है।
