धनुष-बाण पर समझौते के मूड में नहीं ठाकरे

by sadmin
Spread the love

मुम्बई । महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस्तीफा देने के बाद पहली बार जनता के सामने आए। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि कोई भी ‘धनुष-बाण’ के चिन्ह को शिवसेना से नहीं ले सकता। खास बात है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अटकलें लगाई जाने लगी थी कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है। वहीं, बगावत के समय गुवाहाटी में ठहरे विधायकों ने बालासाहब के नाम से नई पार्टी बनाने की भी बात कही थी। शुक्रवार को ठाकरे ने पार्टी के नेताओं का साथ देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पार्टी ने इस तरह की बगावत का सामना किया है। ठाकरे ने कहा कि विधायक आते और जाते हैं, लेकिन पार्टी का वजूद खत्म नहीं होता है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है, ‘धनुष-बाण के चिन्ह को लेकर कोई संदेह नहीं है। यह शिवसेना का है और हमेशा रहेगा।’ हालांकि, इसपर फैसला भारत निर्वाचन आयोग लेगा। फिलहाल, यह मामला आयोग के सामने नहीं पहुंचा है। विधायकों के बाद ठाणे और नवी मुंबई से पार्षदों के पक्ष बदलने की खबर आई थी। दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पार्षदों ने सीएम शिंदे के लिए समर्थन जताया था। इसपर ठाकरे ने कहा, ‘जो पार्षद एकनाथ शिंदे के साथ हैं, वे उनके साथ जुड़ रहे हैं। जो लोग शिवसेना की मदद से बड़े बने हैं, वे छोड़कर चले गए, लेकिन जिन लोगों ने शिवसेना को बड़ा बनाया वे अभी भी साथ हैं।’ इस दौरान ठाकरे ने बागी विधायकों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘आप लोग उनके साथ बैठे हैं, जिन्होंने ठाकरे परिवार का अपमान किया है।’ खास बात है कि विधायकों के बाद पार्टी के सांसदों की भी पक्ष बदलने की संभावना जताई जा रही है। बागियों में शामिल गुलाबराव पाटील ने दावा किया था कि 18 में से 12 सांसद फैसले ले सकते हैं।

 

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!