अक्षय तृतीया के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की दी गई जानकारी

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बेमेतरा –अध्यक्ष/जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयदीप विजय निमोणकर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के पैरालीगल वालिंटियर्स श्री मनीष कुमार साहू, संजू यादव, श्रीमती नेमेश्वरी सेन, सुश्री सोनिया सिंह, श्री नागेश सिन्हा द्वारा ग्राम कारेसरा चौक, मुरता, साहसपुर, नवकेशा, नवागढ़ में अक्षय तृतीय के अवसर पर विभिन्न स्थानों में जाकर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों, विवाह हेतु लड़के की उम्र 21 वर्ष एवं लड़की की उम्र 18 वर्ष होने के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुये बाल विवाह कुप्रथा को समाज से खत्म करने हेतु प्रेरित किया गया। पैरालीगल वालिंटियर्स द्वारा बताया गया कि जो कोई भी व्यक्ति बाल विवाह कराता है या सहयोग करता है, उसे दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि कोई माता पिता अभिभावक या कोई संस्था या विधिपूर्ण संरक्षता वाला व्यक्ति बाल विवाह कराता है या उसकी सहमति देता है, उसे भी दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस प्रकार का अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होता है। इसके अतिरिक्त पैरालीगल वालिंटियर्स द्वारा 14 मई 2022 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुये लोगों को बताया कि यदि उनके या उनके किसी मित्र, परिजन का कोई राजीनामा योग्य प्रकरण लंबित हो तो संबंधित न्यायालय या संस्था में संपर्क कर ऐसे मामलों को उभयपक्ष की सहमति से राजीनामा के आधार पर निराकृत करा सकते है।

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