यूक्रेन- डोनबास का लुहान्स्क शहर रूस के ‘कब्जे’ में, लोगों को घर छोड़कर जाने को कहा

by sadmin
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कीव । यूक्रेन पर रूसी हमले लगातार तेज हो रहे हैं हालात सबसे भयानक बनते जा रहा है। 24 फरवरी को शुरू हुई जंग अब अपने दो महीने पूरे करने जा रही है। कीव के पास कुछ इलाकों से रूसी सैनिक पीछे हटे हैं तो पूर्वी यूक्रेन पर रूस का शिकंजा कसता जा रहा है। इस जंग की शुरुआत पूर्वी यूक्रेन के डोनबास इलाके से ही हुई थी। विवाद की जड़, डोनेत्स्क और लुहान्स्क क्षेत्र भी डोनबास में आते हैं। अब दावा किया जा रहा है कि लुहान्सक के बड़े क्षेत्र पर रूस का कब्जा हो गया है। अल जजीरा की खबर के अनुसार लुहान्सक के गवर्नर ने कहा कि रूसी सेना का लगभग 80 फीसदी क्षेत्र पर कब्जा हो चुका है। व्लादिमीर पुतिन का मकसद डेनबास तक रूसी क्षेत्र का विस्तार करना और इलाके की सत्ता मॉस्को-समर्थित विद्रोहियों के हाथों में सौंप देना है। डोनबास पर पहले भी रूस समर्थित अलगाववादियों का कब्जा था। 24 फरवरी से पहले करीब 60 फीसदी क्षेत्र यूक्रेनी सरकार के नियंत्रण में था।

गवर्नर सेरही हैदै ने कहा कि रूसी सैनिकों में लुहान्स्क क्षेत्र में अपने हमलों को बढ़ाया है। हाल ही में रूस ने पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में नए सिरे से हमले की तैयारी शुरू कर दी है। हैदै ने कहा कि क्रेमिना पर कब्जे के बाद रूसी अब रुबिज़न और पोपसना शहरों की तरफ बढ़ रहे हैं। गवर्नर ने सभी नागरिकों से तत्काल शहर छोड़ देने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक अब तक 50 लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़कर भाग चुके हैं। रूस ने कहा है कि उसने अपनी नई सरमत इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि वह भेजी गई हथियारों की नई खेप का इस्तेमाल करने के लिए यूक्रेनी सैनिकों को ट्रेनिंग दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने देश में मार्शल लॉ को आगे बढ़ाने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर संसद मंगलवार को प्रस्तुत विधेयक को पारित कर देती है, तो मार्शल लॉ को दो महीने के लिए 24 जून तक बढ़ा दिया जाएगा।

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