तपती धूप ने वृछ बन रहा सहारा, दो वर्ष पहले लगाए गए पौधे इतने बड़े हो गए कि वृक्ष बनकर देने लगे छांव

by sadmin
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अब स्ट्रीट वेंडर्स पेड़ के नीचे कर रहे हैं व्यवसाय, राहगीरों को भी राहत

भिलाई नगर. वृक्ष के महत्व से हर कोई वाकिफ है। तपती धूप में छांव के साथ ही आक्सीजन प्रदान कर वातावरण को संतुलित और शुद्ध रखता है। मृदा कटाव को कम करता है आकर्षण के साथ ही सालों साल तक हमें अपने गुणों का बोध कराता है। पिछले वर्ष एवं 2 वर्ष पूर्व जब कोरोना वायरस के संक्रमण का दौर था और ऑक्सीजन की समस्या थी, तब भिलाई निगम वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधे लगा रहा था। पिछले वर्ष सड़क के किनारे लगाए गए पौधे इतने बड़े हो गए हैं कि अब राहगीरों को छांव देने लगे है, सड़क किनारे ठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले दुकानदार अब इसके छांव तले अपनी दुकान लगाकर व्यवसाय कर रहे हैं। जी ई रोड के किनारे नारियल पानी एवं जूस विक्रय करने वाले दुकान संचालक विक्की देवांगन ने कहा कि भिलाई निगम ने पथ वृक्षारोपण के तहत जो पेड़ लगाए थे उनमें से एक पेड़ मेरे दुकान के बिल्कुल ही पास है यह इतना बड़ा हो गया है कि हम सभी को छांव दे रहा है। निगम के उद्यान विभाग ने पिछले वर्ष 2020 एवं 2021 में सड़क किनारे पथ वृक्षारोपण के तहत नेशनल हाईवे के किनारे, नेहरू नगर चौक से लेकर डबरा पारा चौक तक तथा अवंती बाई चौक से लेकर जूनवानी रोड भिलाई निगम की सीमा तक पौधे लगाए थे। साल भर इन पौधों की देखरेख की गई, सुरक्षा की दृष्टि से ट्री गार्ड लगाए गए, पशुओं से बचाने के लिए ट्री गार्ड में रस्सी भी लगाई गई, आकर्षण के लिए पेंटिंग की गई, पौधों को पानी निरंतर मिले इसके लिए पौधों के चारों ओर थाला बनाया गया, पौधों को सहारा देने के लिए स्टैकिंग लगाई गई, समय पर खाद एवं पानी दिया गया इसके साथ ही समीपस्थ रहवासी एवं व्यवसायियों से भी पौधों के देखरेख की अपील की गई। नतीजन कई सारे पौधे इतने बड़े हो गए हैं कि वृक्ष में तब्दील हो गए हैं। कई पौधे तो 25 फीट तक के हो गए हैं। पौधों को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता गर्मी के दिनों में होती है, पूरे ग्रीष्म के महीने में निगम ने सिंचाई की बेहतर व्यवस्था की और पौधों को जीवन प्रदान करते रहे। हालांकि कुछ पौधों को पशुओं, असामाजिक तत्व एवं वाहनों के चलते नुकसान जरूर हुआ है, फिर भी अधिकतर पौधे जीवित होकर बड़े हो रहे हैं, पौधों में नई-नई शाखाएं आ रही है, पौधे हरे भरे और स्वस्थ है। मृत एवं छतिग्रस्त पौधे के बदले निगम ने पौधों को रिप्लेसमेंट भी किया है। निगम ने गुलमोहर, कदंब, स्टोपीडिया एवं तपोदिया रोजा जैसे पौधों का चयन पथ वृक्षारोपण के लिए किया था। उल्लेखनीय है कि महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे के निर्देश पर सड़क किनारे लगाए गए पौधों की देखभाल गर्मी के दिनों में खास तौर पर की जा रही है। वही निगम प्रशासक के तौर पर रहते कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देशन पर शहर में हरियाली लाने वृक्षारोपण का कार्य किया गया था।

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