संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी जम्मू और कश्मीर का बजट

by sadmin
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उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद आज से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बजट पेश करेंगी। बजटीय प्रस्तावों के लिए संसद की मंजूरी लेना और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए बजट पेश करना सरकार के एजेंडा में शीर्ष पर है। बजट सत्र का पहला चरण 11 फरवरी 2022 को खत्म हुआ था। बजट सत्र के पहले चरण में 29 जनवरी से 11 फरवरी तक दो अलग-अलग पालियों में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही संचालित की गई थी। इस बार कोविड-19 संबंधी हालात में काफी सुधार आने के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे से एक साथ चलेगी।

सीतारमण प्रश्नकाल के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से राज्य का तीसरा बजट पेश करेंगी। 5 अगस्त 2019 को राज्य से अनुच्छेद 370 और 35 ए समाप्त होने के बाद यह तीसरा बजट होगा। इससे पहले के दोनों बजट 17 मार्च को पेश किए गए थे। बजट में बढ़ोतरी हो सकती है।1 फरवरी 2022 को पेश हुए आम बजट में जम्मू कश्मीर को 35581।44 करोड़ रुपये मिले थे। इस धनराशि से जम्मू कश्मीर सरकार के अन्य खर्च भी पूरे होंगे। जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे लाइन, एम्स, मेडिकल कालेजों, समेत कई अहम प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने 1 फरवरी 2022 को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया था। वित्‍त मंत्री ने 2022-23 में कुल 39।45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को गति देने के उद्देश्य से राजमार्गों से लेकर सस्ते मकानों के लिए आवंटन बढ़ाया गया। वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव किया

निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाला 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इन 25सालों में भविष्य के भारत की नींव मजबूत करनी होगी। इसके लिए एक बड़े विजन की जरूरत है। आने वाले कल को हम भारत के लिए अमृत काल के रूप में देखते हैं। अगर इस 100 साल के लिए भारत का विजन तय नहीं किया जाता है तो हमारा वहीं हाल होगा जो पिछले 70 वर्षों में हुआ है। इसमें 65 साल के लिए कांग्रेस सत्ता में थी। इन पैंसठ सालों में देश का एकमात्र विजन था कि कैसे एक परिवार को मजबूत बनाया जाए और उन्हें लाभ पहुंचाया जाए।

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