छत्तीसगढ़ की पुरातन परम्पराओं के अनुरूप माघी पुन्नी मेला का आयोजन:  जयसिंह अग्रवाल

by sadmin
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मेला में राजस्व एवं पुलिस विभाग के कार्यक्रम में शामिल हुए राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल

11 हितग्राहियों को 5.50 लाख रुपये कोविड-19 सहायता राशि वितरित की

रायपुर.छत्तीसगढ़वासी बड़े सौभाग्यशाली है जहॉं भगवान राजीवलोचन का धाम है। भगवान राजीव लोचन के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख समृद्धि और खुशहाली है। प्रदेश सरकार ने माघी पुन्नी मेला के मूलस्वरुप को पुनर्जीवित किया है। मेले में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारियॉं सरकारी स्टाल लगाकर दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। उक्त बातें प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन पुनर्वास मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने राजिम माघी पुन्नी मेला के तीसरे दिन राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग एवं गृह विभाग के संयुक्त कार्यक्रम में व्यक्त किये। मंत्री श्री अग्रवाल ने भगवान श्रीराजीव लोचन का दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने राजिम माघी पुन्नी मेला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान सरकार छत्तीसगढ़ की पुरातन परम्पराओं के अनुरूप मांघी पुन्नी मेला का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में लोगोें को नागरिक सुविधाएं देने के साथ ही विकास कार्य भी किये जा रहे है। इस अवसर पर राजस्व विभाग के हितग्राहियों को चेक वितरण भी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा कि त्रिवेणी संगम में तीन जिलों का संगम होता है। यह मेला भगवान श्री राजीव लोचन की जयंती से प्रारंभ होकर भगवान शिव की जयंती तक 15 दिनांे तक चलता है। छत्तीसगढ़ धर्म, आस्था एवं संस्कृति का केन्द्र है। मेले की गरिमा, संस्कृति को इस सरकार ने बरकरार रखा है।
कार्यक्रम में उन्होंने हितग्राहियों को सहायता राशि एवं प्रशस्ति पत्र वितरण किया। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा नक्सल प्रभावित परिवार के सदस्यों को शासकीय सेवा हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा कोविड-19 से मृत्यु के 11 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को 5 लाख पचास हजार रुपये सहायता राशि और प्राकृतिक आपदा 6-4 एवं सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर 6 हितग्राहियों को 24 लाख रुपये के चेक वितरित किए। उन्होंने कमार भुजियां जनजाति के 3 हितग्राही सहित 9 स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरण, 5 हितग्राहियों को 2 हजार 484 हेक्टेयर भूमि का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र एवं 9 हितग्राहियों को भू अर्जन की 47 लाख 94 हजार रुपये राशि का वितरण किया।

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