अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की योजनाओं से युवाओं की बदली जिंदगी

by sadmin
Spread the love

रायपुर. अनुसूचित क्षेत्र में रहने वाले मड़कम देवा,  मानसाय चरण ध्रुव एवं धनसिंह की जिंदगी अब बदल गई है। रोजगार के लिए चलाए जा रहे छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर इन युवाओं ने अपना सपना पूरा किया है। सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिला जहाँ अनुसूचित जाति, अ.ज.जा., पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्गों के ऐसे युवक-युवतियाँ जिन्होंने किसी कारणवश 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। ऐसे युवाओं हेतु शासन के अंत्यावसायी सहकारी विकास मर्यादित विभाग द्वारा स्वरोजगार के लिए टैªक्टर ट्राली योजना, गुड्स कैरियर योजना, स्मॉल विकास योजना, महिला सशक्तिकरण योजना, शहीद वीर नारायण सिंह स्वावलंबन योजना आदि योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

की जिंदगी अब बदल गई है। रोजगार के लिए चलाए जा रहे छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर इन युवाओं ने अपना सपना पूरा किया है।
अंत्यावसायी विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जनजाति गुड्स कैरियर योजना के अन्तर्गत तहसील कोण्टा ग्राम चिचोरगुड़ा के हितग्राही श्री मड़कम देवा को 3 लाख 82 हजार 3 सौ पचहत्तर रूपये का ऋण मिला। श्री देवा ने बताया कि पूर्व में वह दुसरे की वाहन चलाता था। अंत्यावसायी विभाग, जिला सुकमा से ऋण प्राप्त करने के बाद वह गुड्स कैरियर का संचालन कर रहा है। इससे उन्हें 14 से 15 हजार रूपए तक की आमदनी प्रतिमाह हो जाती है। इसी तरह छिन्दगढ़ तहसील के ग्राम गंजेनार के निवासी श्री धनसिंह बघेल को विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जनजाति टैªक्टर ट्रॉली योजना के अन्तर्गत टैªक्टर ट्रॉली व्यवसाय हेतु 6 लाख 89 हजार रुपए की राशि ऋण अनुदान प्रदाय किया गया। प्राप्त ऋण से धनसिंह ट्रैक्टर-ट्राली का क्रय कर इसका संचालन कर रहे हैं। इससे उन्हें हर महीने में 30 से 35 हजार तक की आमदनी हो जाती है।
बिनोवापारा तहसील छिन्दगढ़ के निवासी श्री मानसाय को विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित ज.जा. शहीद वीरनारायण सिंह स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत किराना दुकान व्यवसाय हेतु एक लाख पचास हजार रूपए का ऋण मिला। इसकी सहायता से संचालित किराना दुकान से उन्हें हर महीने में 5 से 6 हजार तक की आमदनी हो जाती है। अनुसूचित ज.जा. लघु व्यवसाय योजनांतर्गत जिले के छिन्दगढ़ तहसील के ग्राम पेरमारास निवासी श्री चरण धु्रव को फोटो स्टूडियो एवं स्टेशनरी हेतु अंत्यावसायी विभाग द्वारा वर्ष को तीन लाख रूपए ऋण सहायता प्रदाय किया गया है। अंत्यावसायी कार्यालय से ऋण सहायता प्राप्ति के पूर्व वह किसी अन्य दुकान में फोटो ग्राफी का कार्य कर रहा था। ऋण मिलने के बाद उन्होंने खुद का फोटो स्टूडियो एवं स्टेशनरी का दुकान स्थापित किया। इससे उन्हें प्रतिमाह 15 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है।
सुकमा जिला अंतर्गत जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में विभिन्न योजनांतर्गत 15 हितग्राहियों का चयन कर 40 लाख 34 हजार रुपए की अनुदान ऋण राशि वितरित की गई। वहीं वर्ष 2019-20 में 12 हितग्राहियों का चयन कर 34 लाख 34 हजार एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 12 हितग्राहियों का चयन कर 46 लाख 34 हजार की अनुदान ऋण राशि वितरित कर लाभान्वित किया गया है।

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!