टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन खिलाड़ी कृष्णा नागर ने गोल्ड मेडल जीत इतिहास रचा

by sadmin
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नई दिल्ली. टोक्यो पैरालंपिक में कृष्णा नागर ने गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया है. एसएल6 क्लास फाइनल में कृष्णा नागर ने हांगकांग के चु मान केइ 21-17, 16-21, 21-17 को हराया. टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन में यह भारत का चौथा पदक है. टोक्यो पैरालंपिक में यह भारत का 5वां गोल्ड है. कृष्णा से पहले बैडमिंटन में प्रमोद भगत गोल्ड, सुहास यतिराज सिल्वर और मनोज सरकार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक में भारत की पदकों की संख्या 19 हो गई है. भारत ने अब तक 5 गोल्ड, आठ सिल्वर और छह ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. भारत टोक्यो पैरालंपिक में निशानेबाजी में पांच और बैडमिंटन में चार पदक जीत चुका है.

कृष्णा पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाले 8वें भारतीय
टोक्यो पैरालंपिक में यह भारत का 5वां गोल्ड मेडल है. टोक्यो पैरालंपिक में कृष्णा से पहले प्रमोद भगत (बैडमिंटन), मनीष नरवाल (निशानेबाजी), सुमित अंतिल (भालाफेंक) और अवनि लेखरा (निशानेबाजी) भारत को गोल्ड दिला चुके हैं. कृष्णा नागर पैरालंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाले सिर्फ 8वें भारतीय खिलाड़ी हैं. पैरालंपिक खेलों में भारत को पहला गोल्ड मुरलीकांत पेटकर ने 1972 में दिलाया था. इसके बाद देवेंद्र झाझरिया ने एथेंस ओलंपिक 2004 और रियो ओलंपिक 2016 में भालाफेंक में भारत को गोल्ड दिलाया. वहीं रियो खेलों में मरियप्पन थंगावेलु ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीता था.राजस्थान के जयपुर के रहने वाले 21 वर्षीय कृष्णा नागर ने अप्रैल में दुबई में पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दो स्वर्ण पदक जीते थे. नागर ने एसएल6 क्लास में पदक जीता है जिसमें छोटे कद के खिलाड़ी खेलते हैं. जब कृष्णा महज 2 साल थे तभी डॉक्टर्स ने कह दिया था कि उनकी लम्बाई ज्यादा नहीं बढ़ेगी. घर में भाई-बहन, माता-पिता सभी की लंबाई सामान्य है, लेकिन कृष्णा नागर की लम्बाई 4.6 फीट से आगे नहीं बढ़ सकी.

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