दुर्ग निगम : स्वच्छम सुंदरम अभियान के तहत वार्डो के नागरिक हुए जागरूक, देने लगे है गीला और सूखा कचरा अलग-अलग….

by sadmin
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-जागरूकता में दुर्ग अव्वल बनेगा अब सफाई मित्रों को लोग दे रहे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग, महापौर और आयुक्त के नेतृत्व में निगम कर रहा काम,स्वच्छ दुर्ग में वार्ड पार्षदो का भी सहयोग मिल रहा है
-आयुक्त ने कहा अभी जीरो वेस्ट सेंटरो में 80 प्रतिशत आ रहा अलग अलग कचरा, शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए पहला कदम। अभी आगे स्टेप बाई स्टेप बाकी चीजों में सुधार किया जायेगा
दक्षिणापथ, दुर्ग।
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत महापौर धीरज बाकलीवाल शहर में लगातार वार्ड नागरिको के बीच पहुचकर लोगो को गीला-सूखा कचरा अलग अलग करने के लिए अपील कर रहे है। आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देश पर स्वस्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता समेत समस्त स्वच्छता निरीक्षकों और सफाई दरोगा एवं वार्ड सुपर वाइजारो द्वारा समस्त वार्डो का निरीक्षण किया जाता है। जिसके तहत वार्ड नागरिको को दी गई समझाइस के पश्चयात वार्डो से गीला सूखा कचरा अलग अलग एकत्रित किया जा रहा है। वार्ड के नागरिको द्वारा अब अपने घरों में गीला और सूखा कचरा अलग अलग रखने लगे है। निगम की गाड़ी पहुँचने पर उन्हें गीला सूखा कचरा अलग अलग दे रहे है।
प्राप्त गीले कचरे से जैविक खाद निर्माण तथा सूखे कचरे को रिसाइकिल किया जाता है।आयुक्त हरेश मंडावी द्वारा स्वयं वार्डो में निरीक्षण करते हुए आम जनता से अपील की है। साथ ही वार्ड रहवासियों से दूर्ग शहर स्वच्छ बनाने सहयोग की अपील करते हुए, उन्होंने ने बताया कि शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने मुहिम शरू कर दी है।

-कचरा कैसा, कहां डालें
गीला कचरा- फल-सब्जी के छिलके, पेड़-पौधों की पत्तियां, चाय पत्ती, अण्डे छिलके,फलों के छिलके, राख व बचा हुआ खाना। यह हरे डस्तबीन में डालें।
-सूखा कचरा
पलास्टिक ,पानी बॉटल, डब्बे, खिलौने पाइप आदि पेपर, पोलिथीन, प्लास्टिक, कांच की बोतलें व पैकेजिंग मैटीरियल,कागज,गत्ता, झिल्ली,पन्नी,कपड़ा/चमड़ा लोहा/कांच/थर्माकोल अन्य। यह नीले डस्तबीन में डालें। घरेलू जैव अपशिष्ट, डाइपर्स, सेटनेरी नैपकिन, मोसकिटोज रेपलेंट, डिस्काडेड दवा व क्लीनिंग मैटीरियल। इसे अलग कर सफाई कर्मचारी को दें।

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