कोविड वैक्सीन को लेकर रायपुर में की गई मॉकड्रिल, मरीज के पंजीयन से लेकर टिकाकरण तक की रिहर्सल

by sadmin
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है तैयार हम
-रायपुर के नया पारा स्थित सरस्वती स्कूल में बने सेंटर
-स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी पहुंचे जायजा लेने
कोरोना की वैक्सीन आने पर किस तरह से उसे लगाया जाएगा, इस प्रकिया की रिहर्सल शनिवार की सुबह रायपुर में की गई। शहर के सरस्वती स्कूल में ड्राय रन की प्रकिया हुई। इसमें सिर्फ एक कोविड वैक्सीन जैसे ही दवा और इंजेक्शन के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने रिहर्सल की। इस रिहर्सल के लिए 25 लोगों को चुना गया था। इनमें 28 से 56 साल तक की आयु के स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। इस दौरान वैक्सीन लाने, उसके रख रखाव, पंजीयन की प्रक्रिया की तैयारी की गई।

यह भी देखा जाएगा कि कोई साइड इफेक्ट ना हो
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने बताया कि वैक्सीन लगने के आधे घंटे बाद तक हम लोगों को केंद्र में ही रखेंगे। यह देखा जाएगा कि उन्हें किसी तरह की असुविधा तो नहीं हो रही। यदि कोई सेहत संबंधी दिक्कत आती भी है तो मरीज को फौरन मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके भी तमाम प्रोटोकॉल तय हैं।

इन जिलों में भी ड्राय रन
ये मॉकड्रिल रायपुर, सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, बस्तर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी की गई। इससे पहले डॉ प्रियंका शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मॉकड्रिल वाले सभी सातों जिलों में इसके लिए प्रभारी बनाए गए अपर कलेक्टरों और डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा की थी। असल में ये ट्रायल 4 जनवरी को होना था। मगर इसे अब 2 जनवरी को किया गया।

इस मॉकड्रिल का उद्देश्य कोल्ड चेन मैनेजमेंट, वैक्सीन की सप्लाई, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के साथ ही वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे लोगों के वैक्सीनेशन साइट पर पहुंचने, उनकी एंट्री, रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन व ऑब्जर्वेशन में रखने की तैयारियों को परखना है। वैक्सीनेशन के दौरान को-विन एप में एंट्री से लेकर वैक्सीन लगाने तक कितना समय लगता है, यह भी देखा जाएगा। पूरी मशीनरी की तैयारियों को भी परखा जा रहा है।

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