चाउर वाले बाबा या दारू वाले कका ?.. छोटी बैठकों के जरिए चुनावी समीकरण को साधने में जुटे हैं शिव चंद्राकर…

by shorgul news
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डोंगरगांव । छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के मतदान होने में अब मात्र 9 दिन शेष रह गए है। प्रथम चरण में कुल 20 सीटो में मतदान होना है, नवरात्रि तेहवार के चलते ठंडा पड़ा चुनावी माहौल रावण दहन के बाद पुनः पूरे शबाब में आ चुकी है। 
                 प्रथम चरण में होने वाले मतदान में शामिल डोंगरगांव   में मुख्यतः कांग्रेस व भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला है, भाजपा प्रत्याशी भरत वर्मा का सीधा मुकाबला कांग्रेस के दो बार के सिटिंग विधायक दलेश्वर साहू से है। कुशल चुनाव संचालन के उद्देश्य से प्रदेश भाजपा द्वारा तैनात चुनाव प्रभारी  शिव चंद्राकर बड़ी सभाओ के बजाए विभिन्न समूहों की छोटी बैठकों के जरिए चुनावी समीकरण को साधने में जुटे हैं, इसी क्रम में आज डोंगरगांव मंडल के बनहरदी, मेड़ा, कविराज टोला, मेघार, सिंगारपुर में बैठक आयोजित कर सामाजिक, महिला एवं प्रबुद्ध जनों के समूहों से चर्चा कर भाजपा को समर्थन देने का निवेदन किया। चर्चा के दौरान महिला समूहों के प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नही मिलने के सवाल पर कहा कि मौजूद छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सरकार ने केवल गरीबो के हक का पक्का आवास ही नही छीना बल्कि निर्धन कन्या सामूहिक विवाह जैसी कई जनहितकारी योजनाओं को घोषित/अघोषित रूप से बंद कर दिया, यही नही करोना काल से गरीबो को दिए जाने वाले  प्रति व्यक्ति 5 किलो चांवल को भी भृष्ट्राचार की भेंट चढ़ा दिया, कोरोना काल मे भी संकटग्रस्त जनता को जीवनयापन की व्यवस्था देने की बजाय शराब की घर पहुंच सेवा पर जोर लगाया। आप लोगो ने 15 साल के भाजपा शासन काल मे चौउर वाले बाबा ला देखे हो अउ कांग्रेस के 5 साल के सरकार म दारू वाले कका ला देखे हो, वो कका जो दारू बंद करे बर गंगा जल के कसम खाए रहिस। गली-गली में हुए शराब दुकान के विकास का सबसे बड़ा चोट परिवार की महिलाओं को पड़ा। गली-गली में हुए शराब दुकान का विकास प्रदेश की आधी आबादी महिलाओ के साथ विश्वास घात है। प्रदेश की मौजूद कांग्रेस सरकार शायद पहली सरकार है, जिसमे सरकार की सचिव से लेकर बड़े बड़े अधिकारी भृष्ट्राचार के आरोप में जेल में बंद है।

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