8वें वेतन आयोग को लेकर मोदी सरकार का आया नया फैसला

by sadmin
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केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग के गठन पर बड़ा अपडेट दिया है। केंद्र ने ऐलान किया कि वह अपने कर्मचारियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी। चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार के पास केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

साल में दो बार बदलता है डीए-

मंत्री चौधरी ने कहा कि मुद्रास्फीति के कारण उनके वेतन के वास्तविक मूल्य में कमी के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाता है। महंगाई दर के आधार पर हर छह महीने में डीए की दर को समय-समय पर संशोधित किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘7वें सीपीसी के अध्यक्ष ने पैरा 1.22 में अपनी रिपोर्ट को फॉर्वर्ड करते हुए सिफारिश की थी। 10 वर्ष की लंबी अवधि की प्रतीक्षा किए बिना मैट्रिक्स पर समीक्षा की जा सकती है।

इस फॉर्मूले का हो सकता है इस्तेमाल-

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि पे-मेट्रिक्स में समय-समय पर बदलाव हों और अगले वेतन आयोग की जरूरत न पड़े। यह सुझाव दिया गया है। इसकी समीक्षा और संशोधन एक्रोयड फॉर्मूले के आधार पर किया जा सकता है।

DA में बढ़ोतरी संभव-

बढ़ती महंगाई को लेकर उम्मीद लगाई जा रही है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगी डीए और डीआर में 4 फीसदी तक वृद्धि कर सकती है। हालांकि इस पर फैसला नहीं लिया गया है। यदि सरकार महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी करती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त इजाफा होगा।(

7वें वेतन आयोग की मुख्य बातें-

 7वां वेतन आयोग, जनवरी 2016 में लागू किया गया था। प्रवेश स्तर के नए कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नए भर्ती कैटेगरी 1 अधिकारी के लिए न्यूनतम सैलरी 56,100 रुपये प्रति माह है। 7वां वेतन आयोग एपेक्स स्केल के लिए कर्मचारियों के लिए अधिकतम वेतन को बढ़ाकर 2.25 लाख प्रति महीने व कैबिनेट सेक्रेटरी और इसी स्तर पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति माह है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारी का स्टेटस, ग्रेड वेतन के आधार पर नहीं बल्कि नए वेतन मैट्रिक्स में लेवल के आधार पर तय किया जाता है। वेतन आयोग में अस्पताल में भर्ती सभी कर्मचारियों को वेतन और भत्ता देने की सिफारिश की गई है। 

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