बेटे बप्पा लहरी ने अपने पिता बप्पी लहरी को दी मुखाग्नि, बप्पी लहरी पंचतत्व में विलीन

by sadmin
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दिग्गज सिंगर बप्पी लहरी हमारे बीच नहीं रहे हैं। गुरुवार को विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे बप्पा लहरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान शक्ति कपूर, विघा बालन, मीका सिंह, बिंदु दारा सिंह, उदित नारायण, शान, अभिजीत भट्टाचार्य, अलका याग्‍न‍िक, ईला अरुण, भूषण कुमार, निखिल द्व‍िवेदी, बब्‍बर सुभाष, रूपाली गांगुली, सुनील पाल समेत कई सेलेब्स शमशान घाट में मौजूद रहे। मंगलवार 15 फरवरी को रात 11:45 बजे 69 साल की उम्र में बप्पी दा का निधन हो गया था। लेकिन, अगले दिन यानी बुधवार को उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका, क्योंकि उनके बेटे बप्पा लहरी अमेरिका में थे और वे देर रात ही मुंबई पहुंचे थे।

बप्पी लहरी ने मुंबई के जुहू स्थित क्रिटी केयर हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली थी। बताया जा रहा है कि बप्पी दा ने अपनी आखिरी सांसें अपनी बेटी रीमा की बाहों में ही ली थी। उनकी बेटी रीमा का एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे घर पर अपने पिता के शव के पास फूट-फूट कर रोती नजर आ रही हैं। उनके परिवार वाले उन्हें संभालते दिखाई दे रहे हैं। बप्पी लहरी की तबीयत खराब होने के बाद मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, बप्पी लहरी का निधन ऑब्सट्रक्टिव स्लीप ऐप्नी (OSA) बीमारी के कारण हुआ है। इसके साथ ही वे बढ़ती उम्र के साथ-साथ कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिक्‍कतों का सामना भी कर रहे थे।

निधन के बाद बप्पी लहरी का पर्थिव शरीर अस्पताल से घर लाया गया था। बप्पी का जन्म 27 नवंबर 1952 को कोलकत्ता में हुआ था। उन्होंने अपने अलग अंदाज की वजह से फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई थी। बप्पी का इंडस्ट्री में 48 साल का करियर था। उन्होंने अपने करियर में करीब 5,000 गाने कंपोज किए। इसमें उन्होंने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, मराठी, पंजाबी, उड़िया, भोजपुरी, आसमी भाषाओं के साथ-साथ बांग्लादेश की फिल्मों और अंग्रेजी गानों को भी कंपोज किया था।

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