शहर में बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है. कई बार दोस्त या परिवार के लोग हमसे बाइक या स्कूटर मांग लेते हैं और हम बिना कोई सवाल पूछे उन्हें अपना वाहन दे भी देते हैं. ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में हम कई बार ऐसी गलती कर बैठते हैं जिसके लिए बाद में पछताना पड़ता है। अगर समय पर विचार करें तो इसे हम रोक सकते हैं। ट्रैफिक रूल से जुड़ा हुआ ऐसा ही एक नियम आज हम आपके साथ साझा कर दे। शायद आप भी इस गलती से बच जाएं और 25000 का जुर्माना और सजा न हो। क्योंकि हम कई बार बिना सोचे समझे वाहन रिश्तेदार या मित्र को दे देते हैं। लेकिन आपका यह निर्णय आपके लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है।
ट्रैफिक नियम के मुताबिक किसी भी नाबालिग को अगर हम अपना वाहन दे देते हैं तो वाहन मालिक के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। नियम के मुताबिक अगर कोई 18 वर्ष से कम उम्र का वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो वाहन मालिक पर कार्यवाही की जाती है।
क्या मिलती है सजा :
ट्रैफिक नियम के मुताबिक नाबालिक वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके माता-पिता को 3 साल की जेल या 25 हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है। साथ ही नियम में यह भी व्यवस्था की गई है कि जो वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है उसे 25 वर्ष उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं प्राप्त होता। चालन कटने के बाद वाहन मालिक को 15 दिवस के अंदर जुर्माने की रकम जमा करनी पड़ती है। अगर इसमें वाहन मालिक द्वारा विलंब किया जाता है तो जिला एवं सत्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर वसूली की कार्यवाही की जाती है। ट्रैफिक नियम में बताया गया है कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे किसी भी तरह का वाहन नहीं चला सकते। लेकिन 16 से 18 वर्ष तक के बच्चे बिना गियर वाले वाहनों को चला सकते हैं। गियर वाले वाहन चलाने के लिए चालक का बालिक होना आवश्यक है।
