ब्रांड के विज्ञापनों से करोड़ों रुपये कमाने वाले बॉलीवुड स्टार्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर आ गए हैं। वस्तु एवं सेवा कर (GST) का भुगतान करने से बचने के लिए अपने ब्रांड के विज्ञापनों का पूरा ब्योरा नहीं देने को लेकर बॉलीवुड के तीन सितारे कथित तौर पर आयकर विभाग के रडार पर हैं। मालूम हो कि ब्रांड एंडोर्समेंट पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। एंडोर्सर्स को संबंधित ब्रांड या कंपनी से शुल्क लेना होता है। अगर उन्हें मिलने वाला पैसा जीएसटी सीमा (सालाना 20 लाख रुपये) से ऊपर है, तो इसे टैक्स अधिकारियों को जमा करना होता है।
जांच में सामने आया बॉलीवुड हस्तियों का नाम
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियों में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की जांच के दौरान बॉलीवुड हस्तियों के नाम सामने आए।
क्या है पूरा मामला?
फाइनेंशल डेली ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा, ‘इन हस्तियों को जीएसटी चार्ज करने वाले रिम्युनिरेशन के खिलाफ इन्वॉइस लेना था। इसके बजाय, उन्होंने जीएसटी के रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत उन्होंने रिसीप्ट में राशि को ‘सेलिब्रिटी स्पॉन्सरशिप सर्विस’ के रूप में स्वीकार किया। रिवर्स चार्ज के तहत, टैक्स देने की बाध्यता कंपनी पर होती है न कि सर्विस प्रोवाइडर्स (सेलिब्रिटीज) पर। हालांकि, ऐसा मेकैनिज्म सिर्फ चुनिंदा सेवाओं जैसे वकालत, स्पॉन्सरशिप पर लागू होता है।
बॉलीवुड स्टार्स को जल्द जारी हो सकता है नोटिस
सीबीआईसी मामले की जांच कर रही है और राशि का खुलासा नहीं करने पर जल्द ही नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। इस मामले में एक अधिकारी ने फाइनेंशल डेली को बताया कि अभिनेताओं और मशहूर हस्तियों द्वारा एंडोर्समेंट स्पॉन्सरशिप के रूप में योग्य नहीं है, लेकिन उनमें से कई टैक्स से बचने के लिए रिवर्स चार्ज तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि टैक्स का भुगतान करने की जिम्मेदारी एंडोर्सर्स की है, संबंधित कंपनी ने कभी भी इनपुट का दावा नहीं किया और न ही अपने अकाउंट में इसका उल्लेख किया, जिससे राजस्व का नुकसान हुआ।
