रायपुर। धरसीवां थाना क्षेत्र के आबादीपारा देवरी में बंद कमरे में दो माह पहले मिले दो मासूमों सहित उनके पिता के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक पिता पर ही मासूमों को मारने के आरोप लगे हैं। दरअसल मृतक की पत्नी से उसके जेठ यानी बड़े भाई के अवैध संबंध थे तथा वह उसके साथ भाग गई थी, जबकि जेठ के दो बच्चे भी हैं। इससे मृतक दुखी था। जेठानी ने यह बात अपने देवर को बताई थी। पुलिस के मुताबिक इसीलिए मृतक ने बच्चों सहित खुद की इहलीला समाप्त कर ली। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मृतक पिता को ही दोनों बच्चों का हत्यारा मान रही लेकिन यह थ्योरी गले नहीं उतर रही है।
धरसीवां थाने के उपनिरीक्षक विक्रांत दीवान ने बताया कि 7 अगस्त को आबादीपारा देवरी में रामेश्वर साहू पिता दुखू साहू (30) एवं दो मासूम रागिनी साहू पिता रामेश्वर साहू (6) व अमित साहू पिता रामेश्वर साहू (9) के शव बंद कमरे में मिले थे।
प्रथम दृष्टया पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए थे लेकिन इस घटना में पुलिस की जांच जारी थी। स्थानीय लोगों के बयान और मौके पर मिले साक्ष्य के आधार पर दो माह बाद पुलिस ने 6 नवंबर को हत्या का मामला दर्ज किया है। इसमें पुलिस ने पिता रामेश्वर साहू को मासूूम बच्चों को जहर देकर मारने का आरोपी रामेश्वर साहू को ठहराया है। पुलिस ने यह भी बताया कि घटनास्थल से कीटनाशक की शीशी मिली थी जो मृतकों की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मिली जानकारी में से मेल खा रही थी इसलिए भी रामेश्वर पर अधिक संदेह हुआ।
पत्नी के जेठ के साथ भागने से खफा था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी रामेश्वर साहू पत्नी रानू साहू (25) के अपने जेठ के साथ घर छोड़कर भाग जाने व प्रेम विवाह करने से खफा था। अक्सर वह इस बात का उल्लेख आसपड़ोस में रहने वाले लोगों से भी करता था और इसी वजह से तनाव में रहता था। पुलिस ने इसीलिए अनुमान लगाया है कि बच्चों को मारने का सीधा संदेही वही है और आरोपी भी है।

जेठानी ने रामेश्वर और बच्चों के बारे में देवर को दी थी जानकारी
पुलिस का कहना है कि पत्नी के जेठ के साथ भागने पर प्रायः रामेश्वर अपने बच्चों को लेकर खाना खाने के लिए पिता दुखू साहू और भाई सूर्यकुमार साहू के घर जाता था जो आबादीपारा से कुछ दूरी पर रहते हैं। कभी वह खुद भी घर में खाना बनाकर बच्चों के साथ खा लेता था। घटना वाले दिन से 2 दिन पहले 5 अगस्त को बच्चों को लेकर खाना खाने के लिए पिता दुखू साहू के घर गया था, उसके बाद से नजर नहीं आ रहा था । लिहाजा जेठानी ने देवर सूर्य कुमार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सूर्यकुमार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। 7 अगस्त को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर तीनों के शव बरामद किए क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद था।
दो भाई व जेठानी प्रतिमा साहू आसपास रहते हैं
पुलिस के मुताबिक रामेश्वर साहू, जेठानी प्रतिमा साहू, उसका पति और एक देवर ईश्वर साहू आसपास रहते थे। ईश्वर खेती किसानी का काम करता है दो बच्चे व पत्नी के साथ रहता है जबकि जेठानी के दो बच्चे हैं जो बड़े हो गए है लेकिन पति रामेश्वर की पत्नी को लेकर भाग गया था, जेठानी वहीं रह रही थी
बड़ा सवाल-जेठानी पर शक क्यों नहीं कर रही पुलिस ?
इस घटना में पुलिस ने रामेश्वर साहू को बच्चों की हत्या का जिम्मेदार बताकर मामला दर्ज किया है। रामेश्वर ने ही मासूम बच्चों की हत्या की है, ये बात कमरा अंदर से बंद होने, स्थानीय गवाह के बयान पर पुलिस ने स्थपित कर रही है पर सवाल उठ रहे हैं कि इसमें प्रथम सूचक जेठानी प्रतिमा साहू है। उसी ने देवर को सूचना दी थी कि उसका पति रामेश्वर की पत्नी रानू साहू को लेकर भाग गया है। इसलिए प्रतिमा के मन में भी बैर रह सकता है और उसने मौका पाकर पूरे परिवार को खत्म कर दिया हो और फोन कर अंजान बनी रही।
कीटनाशक की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली
इधर पुलिस ने मृतकों के बिसरा को परीक्षण के लिए रायपुर के टिकरापारा में राज्य विधि विज्ञान में भेजा हेै जहां से रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में यह कह पाना भी पक्का नहीं हो सकता कि तीनों की मौत कीटनाशक से ही हुई होगी।
