वन अमला सोता रहा और गांव में घुस गए हाथी

by sadmin
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नवापारा राजिम। वन परिक्षेत्र पांडुका से लगे धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के कुछ गांवों में 2 नर दंत्तैल हाथी 6 नवंबर को भरी दोपहरी में घूमता रहा और वन अमले को इसकी खबर तक न लगी। गांव वालों की सूटना पर अमला जरूर जागा पर तब तक हाथी कई गांवों को पार करता हुआ एक किसान की बाड़ी को रौंद चुका था।बताना जरूरी है कि यही हाथी कई लोगों की जान ले चुका है, बावजूद इसके वन अमला लापरवाह बना रहा। 

इन दिनों क्षेत्र में हाथियों की धमाचौकड़ी चरम पर है। खासकर गरियाबंद जिले के पाण्डुका और फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र में हाथियों का धमतरी की पैरी नदी और मैनपुर की सूखा नदी को पार कर महासमुंद आना-जाना पिछले दो सालों से जारी है।ऐसे में वन विभाग और हाथी मित्र दल को खास जिम्मेदारी दी गई है लेकिन ये जिम्मेदार कर्मचारी अपने दायित्यों का निर्वाहन सही तरीके नहीं कर रहे हैं। ऐसी ही अनहोनी 6 नवंबर की रात होते होते बची। वन परिक्षेत्र पांडुका से लगे धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के कुछ गांवों में एक नर दंत्तैल हाथी घूमता रहा। 

यही हाथी कई लोगों की जान ले चुका है

उल्लेखनीय है कि यह हाथी जो अब तक जिले कई लोगों की जान ले चुका है, वन अमला इस बात को नजरअंदाज करते लापरवाही बरतता रहा और हाथी पैरी नदी, नेशनल हाइवे 130 को पार कर राउतडेरा, रांचर डेरा, विजयनगर, कुम्हारमरा गांव के पास कच्ची सडक से होते हुए भरी दोपहरी में लगभग 3 बजे ग्राम तौरेंगा के सरवन कुमार की बाड़ी में घुस गया। हाथी ने बाड़ी मे लगी साग भाजी को रौंदते हुए दीवाल को तोड़कर जंगल की ओर चला गया। 

डीएफओ मयंक के हटते ही अमला लापरवाह

इस बात की जानकारी घर में सो रहे सरवन कुमार के परिवार को तब लगी जब घर के बाड़े में बंधे गाय बैलों की आवाज़ सुनाई दी। तब तक हाथी बाड़ी में ही था । फिर इसकी जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। दरअसल डीएफओ मयंक अग्रवाल का यहां से जब से तबादला हुआ है और उनके जाने के बाद से विभागीय कसावट खथ्म हो गई है। बहरहाल अपने पुराने रुट तौरेंगा होते हुए खदराही, फुलझर और जोगीडीपा के पास दो हाथी रात को मौजूद थे।

हाथी मित्र दल प्रमुख ने कहा- पांडुका के हाथी मित्र को देनी थी सूचना

इस संबंध में हाथी मित्र दल प्रमुख प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि उसे खुद समझ नहीं  आ रहा रहा कि हाथी गांव कैसे पहुंच गया। उसने कहा- मुझे ग्रामीणों से पता चला तब मैंने वहां के बीट गॉर्ड को 3 बजे सूचना दी। गाड़ी मेरे पास थी, इधर महासमुंद से एक और हाथी आ रहा था, तो मेरी ड्यूटी उसके निगरानी में लगी थी। पांडुका परिक्षेत्र में हाथी मित्र हैं, उनको खबर करना था, ये उनकी जिम्मेदारी है।

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