ब्रिटेन में भीषण गर्मी से रोड पिघली, हीट वेव्स के कारण जारी किया रेड अलर्ट

by sadmin
Spread the love

लंदन । यूनाइटेड किंगडम में चल रही हीट वेव्स ने लोगों को बेहाल कर रखा है। हर बीत रहे दिन के साथ यूके में गर्मी चरम पर पहुंच रही है। मंगलवार को अपने इतिहास में यूके ने सबसे गर्म दिनों में एक को महसूस किया जब डाउनहैम में पारा 38 डिग्री के पार निकल गया। डाउनहैम के अलावा कई और इलाकों में पारा 37 डिग्री के पास पहुंच गया है।बढ़ते तापमान ने ब्रिटिश लोगों को घर में बने रहने पर मजबूर कर दिया है। लगातार पड़ते गर्म हवाओं के थपेड़ों के बीच मौसम विभाग भी लगातार लोगों को हीट वेव्स से बचने की सलाह दे रहा है। मौसम विभाग ने हीट वेव्स को लेकर एक रेड अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है।यूके में पड़ रही गर्मी एकाएक नहीं आ गई। यूके में सबसे गर्म दिन वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था जब कैंब्रिज में पारा 38.7 सेटीग्रेड तक जा पहुंचा था। अगस्त 2003 में, केंट के फेवरशैम में पारा 38.5 सेंटीग्रेड के उच्च स्तर पर पहुंचा था। लगातार बढ़ रही गर्मी सरकार के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है। गर्मी का आलम इस दर्जे पर पहुंच गया है कि वायु सेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग टेक ऑफ के लिए बने रनवे भी पिघलने लगे है।रनवे पिघलने के बाद देश के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ऑक्सफ़ोर्डशायर स्थित आरएएफ ब्रीज़ नॉर्टन में रनवे पर टरमैक पिघलने की रिपोर्ट के बाद विमानों को वैकल्पिक रनवे के इस्तेमाल को कहा गया है। ल्यूटन हवाई अड्डे में भी बढ़ती गर्मी के कारण रनवे के पिघलने से कुछ देर के लिए फ्लाइट्स को निलंबित करना पड़ गया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है। रेलवे भी यात्रियों को बिना किसी विशेष कारण यात्रा करने से मना कर रही है।जहां मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है तो वहीं यूके की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड को लेकर लेवल फोर वार्निंग दी है, जिसे सरकार नेशनल इमरजेंसी की तरह मान रही है। भीषण गर्मी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव डाला है, लेकिन स्वास्थ्य सचिव स्टीव बार्कले ने कहा कि सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है. गर्मी का प्रकोप सबसे अधिक यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में देखा जा रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण जंगलों में आग की घटनाएं भी पहले की अपेक्षा दोगुनी हो चुकी है। ग्रीस से लेकर मोरक्को तक जंगल की आग ने अरबों की हानि हुई है। हाल के दिनों में पुर्तगाल और स्पेन में गर्मी के कारण 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

Related Articles

Leave a Comment

error: Content is protected !!