ड्रोन कंपनी डीजेआई ने रूस, यूक्रेन में कारोबार बंद किया

by sadmin
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बीजिंग । ड्रोन बनाने वाली कंपनी डीजेआई टेक्नोलॉजी ने युद्ध में ड्रोन का उपयोग रोकने के लिए रूस और यूक्रेन में कारोबार अस्थाई रूप से बंद किया है। युद्ध के कारण चीन द्वारा रूस में कारोबार बंद करने का यह दुर्लभ उदाहरण है। कंपनी द्वारा कहा गया ‘‘डीजेआई विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में अनुपालन की आवश्यकताओं का आंतरिक रूप से समीक्षा कर रहा है। मौजूदा समीक्षा लंबित रहने तक डीजेआई रूस और यूक्रेन में सभी कारोबारी गतिविधियों की समीक्षा कर रहा है।’’ यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर यूरोप की कई कंपनियों और ब्रांड ने रूस में अपना कारोबार बंद कर दिया है, लेकिन चीन की कंपनियां वहां कारोबार जारी रखे हुए हैं। युद्ध को लेकर चीन अभी भी रूस पर सार्वजनिक रूप से बयान देने से बच रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि यूक्रेन और रूस दोनों ही युद्ध में डीजेआई के ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं, हालांकि कंपनी का कहना है कि उसका उत्पाद (ड्रोन) सिर्फ असैन्य उपयोग के लिए है।

यूक्रेनी उपप्रधानमंत्री मिखाईलो फेडेरोव ने पिछले माह का खुला पत्र लिखकर डीजेआई से अनुरोध किया था कि वह रूस को अपने ड्रोन बेचने बंद करे क्योंकि रूस की सेना ‘‘असैन्य लोगों की हत्या करने के लक्ष्य से अपनी मिसाइलें नेविगेट करने के लिए डीजेआई के उत्पादों (ड्रोन) का उपयोग कर रही है। डीजेआई के ड्रोन में लगा ‘एरोस्कोप सिस्टम’ विशेष रिसिवर की मदद से क्षेत्र में उड़ान भर रहे अन्य ड्रोन और उसके ऑपरेटर का पता लगाकर उनपर नजर रखने में सक्षम है। चिंता जाहिर की जा रही है कि रूसी सेना संभवत:एरोस्कोप सिस्टम’ का उपयोग यूक्रेन के ड्रोन पायलटों पर हमला करने के लिए कर रही है। डीजेआई ने इन दावों का खारिज किया है कि उसने यूक्रेन की सेना का पोजिशन रूस को लीक किया है।

डीजेआई ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसके ड्रोन सैन्य उपयोग के लिए नहीं बने हैं और ना ही बेचे जाते हैं। उसने कहा कि वह अपने उत्पाद (ड्रोन) में हथियार जोड़ने का एक स्वर में विरोध करता है।’’ कंपनी ने कहा, ‘‘हम नुकसान पहुंचाने के लिए हमारे उत्पाद के उपयोग को कभी स्वीकार नहीं करने वाले हैं, और हम अपने काम के माध्यम से दुनिया को बेहतर बनाना जारी रखने वाले हैं। चीन की एक अन्य कंपनी ‘दीदी ग्लोबल’ (कैब कंपनी) ने भी रूस में अपना कारोबार बंद कर दिया है, लेकिन चीन के लोग इस कदम को लेकर कंपनी का बहुत विरोध कर रहे हैं।

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