किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत, पहले फांसी और अब हार्ट अटैक

by sadmin
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नई दिल्ली | दिल्ली-हरियाणा के टिकरी बॉर्डर पर रविवार सुबह एक और किसान की मौत हो गई। मृतक किसान सुखमिंदर सिंह (60 साल) पंजाब के मोगा जिले के हैं और कल ही किसान आंदोलन में शामिल होने टिकरी बॉर्डर आए थे। सुखमिंदर को आज सुबह दिल का दौरा पड़ा और वो खत्म हो गए। इससे पहले एक और किसान कर्मबीर ने बीती देर रात फांसी लगाकर जान दे दी।

मरने से पहले कर्मबीर ने सुसाइड लिखा- भारतीय किसान युनियन जिन्दाबाद। प्यारे किसान भाइयों ये मोदी सरकार तारीख पर तारीख देता जा रहा है इसका कोई अंदाजा नहीं कि ये काले कानून कब रद्द होंगे। जब तक ये काले कानून रद्द नहीं होंगे तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे।

आपको बता दें कि कर्मबीर (52) हरियाणा के जींद जिला के सिंघवाल गांव का रहने वाला थे। बीती रात ही वह अपने गांव से टिकरी बॉर्डर पहुंचे थे। कर्मबीर की तीन बेटियां हैं और एक बेटी की शादी हो चुकी है। बहरहाल, किसान का शव फंदे से निकाल कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले ही टिकरी बॉर्डर पर किसान जय भगवान ने जहर खा लिया था। किसान को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जय भगवान ने जहर खाने से पहले देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा था।

2 अक्टूबर तक का सरकार को अल्टीमेटम
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को 2 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा तबतक सरकार कृषि कानून को वापस करें। साथ ही MSP पर कानून बनाएं। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूर तक यदि सरकार हमारी बात नहीं मानी तो यह आंदोलन देशभर में जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिये वे देश भर में भ्रमण करेंगे। सभी राज्यों का दौरा करके किसानों की समस्याओं को रखेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यदि सरकार बातचीत के लिये बुलाएगी तो वे चर्चा के लिये भी तैयार है। उन्होंने कहा कि दरअसल केंद्र सरकार यदि नोटिस भेजकर हम किसानों को डराना चाहती है तो यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चटाहिये कि व्यापारियों की कुदृष्टि से हमारी जमीन को बचायें।उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की सरकार को किसानों से ज्यादा व्यापारियों की चिंता है।

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