रायपुर। शहर के माना थाना इलाके में एक बुजुर्ग की शुक्रवार को कुएं में मिली लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। सिगरेट का पैसा देने को लेकर बढ़े विवाद के बाद बुजुर्ग पर प्राणघातक हमला किया गया था।
थाना प्रभारी वेदवती दरियों ने बताया कि प्रकरण में आरोपी रूपेश यादव पिता अनुज यादव (19) और कोमल यादव उर्फ भुरवा पिता स्व. उदय यादव (19) ग्राम बनरसी, थाना माना को गिरफ्तार किया गया है। घटना के मुताबिक 4 नवंबर की शाम को विक्रम बर्मन ने थाने में सूचना दी कि सरकार प्लाट में उनके पिता बीरेन्द्र बर्मन जो चना-मुर्रा की दुकान लगाते हैं जो रात से घर वापस नहीं लौटे हैं।
सूचना के बाद माना थाने में गुम इंसान कायम कर लिया गया। बाद में विक्रम बर्मन ने रात में ही थाने में पिता के सरकार प्लाट कुएं में लाश होने की जानकारी दी। उसके बाद मामले पर मर्ग कायम कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। कुएं से बाहर निकालने पर जांच में शव के शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस ने मामले पर प्रथम दृष्टया हत्या का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।
जूते-चप्पल बने साक्ष्य
बुजुर्ग का शव मिलने के बाद मौके से मिले साक्ष्य और जूते-चप्पल को लेकर स्थानीय खबरी को टटोला गया। इसमें आरोपी रूपेश यादव के बारे में जानकारी मिली। उसके बाद आरोपी रूपेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। इस दौरान बदमाश जल्द टूट गया और पूरी घटना की जानकारी दे दी। बताया कि वह साथी कोमल यादव के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। बताया कि घटना स्थल पर मृतक के साथ सिगरेट के पैसे को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान कोमल गुस्से में आकर बुजुर्ग पर ईंट से वार कर दिया, वहीं डंडे से वार करने के बाद गमछे से उसका गला भी घोंट दिया जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद शव कुएं में फेंक दिए।
24 घंटे में हत्या से पर्दा हटाया
पुलिस ने इस मामले में जिस तेजी से त्वरित कार्रवाई की उससे 24 घंटे में आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। वारदात को अंजाम देने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। इस प्रकरण को सुलझाने में थाना प्रभारी वेदवती दरियो, साईबर यूनिट में निरीक्षक रोहित मालेकर, सहायक उप निरीक्षक किशोर सेठ, प्रधान आरक्षक अनिल पांडेय, गुरूदयाल सिंह, आरक्षक उपेन्द्र यादव, भूपेन्द्र मिश्रा, लुकेश निषाद, टीकम साहू, आलम बेग, सुरेश देशमुख, उपनिरीक्षक सौमित्री भोई, सहायक उप निरीक्षक विमल साहू, मो. कयूम, आर प्रभात राय, अजय चौधरी, परमेश्वर साहू, रवि बंजारे, जितेन्द्र असवन के साथ सैनिक रवि बंजारे की भूमिका रही।
