रायपुर। पत्रकारिता के पितामह वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। मारवाड़ी मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे संजय नैय्यर ने उन्हें मुखाग्नि दी। श्मशान घाट में स्व. नैयर जी को बड़ी संख्या में पत्रकारों सहित गणमान्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने स्व. रमेश नैयर से अपने संबंधों और उनके व्यक्तित्व को लेकर चर्चा की। इसी बीच रायपुर महापौर एजाज ढेबर से रमेश नैयर के नाम से शोध पीठ की स्थापना कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया गया।
बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर का 2 नवंबर को निधन हुआ था। कई अखबारों के संपादक रहे रमेश नैयर के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किए। रमेश नैयर देश-प्रदेश में अपनी कलम का लोहा मनवाने वाले पत्रकारों में से एक रहे। ‘देशबंधु’, ‘युगधर्म’, ‘एमपी क्रॉनिकल’, ‘लोक स्वर’ ‘ट्रिब्यून’ ,’संडे ऑब्जर्वर’ और ‘दैनिक भास्कर’ में लंबे समय तक पत्रकारिता की।
82 वर्षीय रमेश नैयर का जन्म 10 फरवरी 1940 को अविभाजित भारत के गुजरात के कुंजाह में हुआ था। वे अपनी निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पूरे देश में एक मिसाल माने जाते थे।

