रायपुर। छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्योत्सव के मौके पर 3 दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया है। वहीं राज्योत्सव में सरकार के विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें शासकीय योजनाओें एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियां प्रदर्शित की गई है। प्रदर्शनी स्थल पर परिवहन विभाग की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमें अब तक कैंप में 300 से अधिक लोगों के लर्निंग लाएसेंस बनाकर दिए गए हैं और हर दिन काफी लोगों का आना बना हुआ है। जनजागरूकता से एक खास बातचीत में एआरटीओ यूजेश्वरी वर्मा व रामकुमार ध्रुव ने बताया कि प्रदर्शनी में लर्निंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं जिसमें काफी संख्या में लोग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी जानने के लिए आत रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक कैंप में 300 से अधिक लोगों के लर्निंग लाएसेंस बनाकर दिए गए हैं और हर दिन काफी लोगों का आना बना हुआ है। प्रदर्शनी स्थल पर जनजागरुकता की बातचीत में दो महिलाओं से हुई जो लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंची थीं। इसमें रायपुरा की रीता पटेल ने कहा कि वह एक गृहिणी है जो देैनिक जरूरतों के लिए लाइसेंस बनवाना चाहती है ताकि वे अवसर आने पर गाड़ी चलाकर जरूरत को पूरा कर सके जबकि सुनंदा उपाध्याय डीडी नगर ने कहा वह बुटिक में नौकरी करती है जहां हर रोज जाना पड़ता है । ऐसे में लाइसेंस होगा तो आसानी रहेगी महिला का कहना था कि 500 रुपए के शुल्क में लाइसेंस बन जाएगा वहीं कार्यालय में जाने की जदोजहद और भागदौड़ से बचे रहेंगे।
इन अधिकारियों ने वीएनटीडी सिस्टम के संबंध में जानकारी दी और बताया कि इसे व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस कहा जाता है जो सभी तरह की सवारी गाड़ियों में लगाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं ताकि सवारी वाहनों में यत्रियों को सुरक्षा पहुंचाई जा सके और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। इन अफसरों ने बताया कि लोगों को इस सिस्टम के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रहे हैं ।
